‘I Am Sorry…’, पुलिस ने फरियादी के साथ ऐसा क्या किया, ‘सिंघम’ पुलिस अधीक्षक को मांगनी पड़ी माफी

R. S. Mehta
4 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में मौजूद पुलिस अधीक्षक कड़ी कार्रवाई करने को लेकर सिंघम नाम से मशहूर है. उन्हें सिंघम क्यों कहा जाता है. इसका एक उदाहरण भी सामने आया है. दुर्घटना में घायल एक फरियादी थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा. घायल के परिजन उसे एंबुलेंस से लाए थे, लेकिन तभी पुलिस अधिकारी गेट से निकल रहे थे. ऐसे में एसपी ऑफिस के गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस को गेट पर ही रोक दिया था. इसके बाद परिजन गंभीर रूप से घायल महिला को एक चादर में डालकर पुलिस ऑफिस के अंदर चारों तरफ से चादर पकड़कर लेकर गए थे.

इसके बाद पुलिस कार्यालय के गेट पर संवेदनहीन पुलिस कर्मियों की हरकत का “सिंघम” पुलिस अधीक्षक ने खुद संज्ञान लिया. उन्होंने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा, “I am Sorry” इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के लिए गलत राय न बनाने की बात भी कही . उन्होंने घटना की पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया. दरअसल हरदोई के लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी अनूप पुलिस लाइन में फॉलोअर के पद पर कार्यरत हैं. वह पिछली 27 तारीख को बाइक से अपनी बहन के साथ अपने घर जा रहे थे. घर वापस जाते समय उनकी बाइक दूसरी बाइक से टकरा गई थी, जिसमें दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

एंबुलेंस को अंदर नहीं जाने दिया

अनूप का आरोप है कि उसने थाने में दुर्घटना के बाद में कई बार जाकर गुहार लगाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इसी को लेकर वह अपनी घायल बहन को लेकर पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाने आया था. इसी दौरान गेट पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने एंबुलेंस को अंदर ले जाने से मना कर दिया था. उन लोगों का कहना था कि साहब निकल रहे हैं. इसके बाद वह अपनी बहन को परिजनों की मदद से एक चादर में डालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक ले गए थे.

Share This Article