शंभू बॉर्डर से किसान कल फिर करेंगे दिल्ली कूच, जानें क्या बना है प्लान

R. S. Mehta
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अपनी मांगों के समर्थन में हरियाणा-पंजाब शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों ने शनिवार को फिर से दिल्ली कूच का ऐलान किया है. शंभू बॉर्डर पर किसान नेताओं ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि आंदोलन को चलते हुए 306 दिन हो गए. जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन को 18 दिन हो गए हैं. शनिवार को शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का जत्था दिल्ली की ओर दोपहर 12 बजे रवाना होगा.

उन्होंने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत लगातार बिगड़ रही है. अंबाला डीसी ने संगरुर डीसी को डल्लेवाल की सेहत को लेकर चिट्ठी लिखी है उसमें भी कुछ साजिश लग रही है.

पंढेर ने कहा कि सरकार हम पर डिजीटल एमरजेंसी लगाने की तैयारी कर रही है. हमारे सोशल मीडिया पेजों पर एक्शन लिया जा रहा है. बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने हमारे खिलाफ दुष्प्रचार किया है.

पंढेर ने फिर किया दिल्ली कूच का ऐलान

उन्होंने कहा कि हमारा जत्था जो आगे बढ़ता है और उस पर जो हरियाणा पुलिस की कार्रवाई होती है उससे सरकार बेनकाब हो रही है. हमारा संदेश देश के हर गांव तक पहुंच रहा है. इसी वजह से हिली हुई सरकार के नेता हमारे खिलाफ ऐसे बयान दे रहे हैं.

पंढेर ने कहा कि रामचंद्र जांगड़ा के पास अगर कुछ तथ्य हैं तो वो सामने रखें. हरियाणा की बेटियों के खिलाफ जो बयान दिया है उसे लेकर एजेंसियां जांच करें नहीं तो सांसद रामचंद्र जांगड़ा माफी मांगें. जेपी नड्डा को रामचंद्र जांगड़ा को पार्टी से बाहर निकाल देना चाहिए.

उन्होंने सवाल किया कि किस संविधान के तहत पैदल जा रहे किसानों को रोका जा रहा है ये सब संसद की संविधान डिबेट में उठाए जाने चाहिए.

जानें, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर क्या बोले पंढेर

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अच्छी बात कही है कि सरकार हमसे सीधी बातचीत करें और किसानों पर बल प्रयोग ना करें. हम सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर दोनों फोरमों पर चर्चा करके बयान देंगे, लेकिन देखना होगा सरकार इन टिप्पणियों पर क्या करती है.

बता दें कि इसके पहले किसानों ने पिछले हफ्तों में दो बार दिल्ली कूच करने की कोशिश की है, लेकिन पुलिस की ओर से गैस के गोले दागे जाने के बाद मार्च वापस ले लिया था. किसानों ने दावा किया था कि पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद कई किसान घायल हो गये थे. उन्होंने पुलिस पर शांतिपूर्ण जुलूस पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया था.

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