नोट गिनने की मशीन, चांदी की ईंटों का ढेर, सोना और कैश… कांस्टेबल के घर से मिला खजाना; अधिकारियों के उड़े होश

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आरटीओ कांस्टेबल के घर लोकयुक्त पुलिस ने छापा मारा है. कार्रवाई में करोड़ो की नकदी और बड़ी मात्रा में सोने चांदी के जेवर मिले है, जिसे देखकर लोकायुक्त की टीम हैरान हो गई. देर रात तक चली छापामार कार्रवाई में आयकर विभाग के आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों से टीम को 2.85 करोड़ रुपए नकद, 60 किलो चांदी, 50 लाख रुपये के सोने-हीरे के जेवर, 4 एसयूवी, कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज और नोट गिनने की 7 मशीनें मिली हैं.

पूरी सर्च के दौरान टीम को सबसे ज्यादा हैरान चांदी की सिल्लियों और नोट गिनने की बड़ी मशीनों ने किया है. परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार सुबह उनके भोपाल की ई-7 अरेरा कॉलोनी स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था. सौरभ शर्मा ने सात साल नौकरी कर बीआरएस ले लिया था.

वैन में मिला 82 लाख रुपयों से भरा बैग

घर पर केवल मां, पत्नी और बच्चे थे. मां ने टीम को बताया कि सौरभ जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचाइजी के सिलसिले में मुंबई गए हैं. लाेकायुक्त की टीम हवाला के एंगल से भी जांच कर रही है. लोकायुक्त टीम के मुताबिक घर पर 4 लग्जरी गाड़ियां मिली हैं. इनमें एक फोर्स कंपनी की वैन भी है. गाड़ियों की तलाशी के दौरान वैन में एक बैग मिल, इसमें टीम को 82 लाख रुपए नकद मिले.

मिलीं 60 किलो चांदी की सिल्लियां

इसके अलावा टीम को घर की अलमारियों से 1.15 करोड़ रुपये और दफ्तर से 1.70 करोड़ रुपए नकद मिले हैं. उन्हें 50 लाख रु. के सोने-हीरे के जेवर व दफ्तर से चांदी की 60 किलो की सिल्लियां मिलीं हैं. सौरभ के पिता आरके शर्मा सरकारी डॉक्टर थे. 2015 में उनके निधन के बाद सौरभ को परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी. सात साल की नौकरी के बाद सौरभ ने वीआरएस ले लिया, फिर कंस्ट्रक्शन लाइन पकड़ ली.

रसूखदारों के संपर्क में था पूर्व कांस्टेबल

जांच में ये भी सामने आया है कि कई रसूखदारों के संपर्क में आने के बाद ही सौरभ ने विभाग से इतने कम समय में ही वीआरएस ले लिया था. टीम को सौरभ के ठिकानों से कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है. परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक के पास मिले इतने बड़े पैमाने पर सोना चांदी और कैश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

Share This Article