देवास में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, परिजनों ने घेरा थाना ,हत्या का लगाया आरोप

R. S. Mehta
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देवास। मध्य प्रदेश के देवास के सतवास में पुलिस थाना सतवास के अंतर्गत एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई, परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युवक के ऊपर धाराएं कम लगाने के लिए रुपयों की डिमांड की गई थी। जब मृतक का साथी घर रुपए लेने के लिए गया जब थाने वापस लौटा तो युवक मुकेश पिता गबूलाल निवासी मालागांव मृत अवस्था में पाया गया, परिजनों का आरोप है की पुलिस प्रशासन ने परिवार वालों को बिना सूचना दिए ही अस्पताल में भेज दिया। काफी देर के बाद परिवारजन जब थाने पहुंचे तो सतवास पुलिस पर उनका गुस्सा फूटा एवं उन्होंने थाने कस्टडी संबंधित सीसीटीवी फुटेज देखने सहित विभिन्न मांगों को लेकर देर रात तक थाने का घेराव किया।

 सूचना मिलते ही देवास एसपी पुनीत गहलोत सतवास पहुंचे परिजनों से चर्चा करते हुए संबंधित घटना की जांच का आश्वासन दिया। इस दौरान मिडिया से बात करते हुए एसपी ने बताया की मृतक युवक को किसी मामले में पूछताछ के लिए सतवास थाने बुलाया गया था, लेकिन पूछताछ के दौरान थाना कक्ष में युवक ने अपने गमछे से फांसी लगाने का प्रयास किया। इस पर थाना स्टाफ के द्वारा तत्काल अस्पताल में ले जाया गया, वहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया है गंभीर घटना को लेकर परिजनों की शिकायत को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा, न्यायिक जांच पूरी होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस घटना को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने भी घटना को लेकर सतवास थाना इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है की देवास जिले के सतवास थाने में मुकेश पिता गबुलाल हरिजन निवासी ग्राम मालगांव उम्र 35 वर्ष की संदिग्ध मौत हो गई । परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना एवं मारपीट करने की वजह से मौत हो गई है,परिजनों सतवास थाने के सामने धरने पर बैठे है, उनकी मांग है कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाएं उसके बाद ही शव परीक्षण कराएंगे। मेरी डीजीपी महोदय से मांग है कि सतवास थाना इंचार्ज समेत अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करवाएं।

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