सिसोदिया का अपना अलग घोषणापत्र… जंगपुरा में शिक्षा को कैसे बना रहे सियासी हथियार?

R. S. Mehta
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं. केजरीवाल के राइट हैंड और आम आदमी पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज की जगह जंगपुरा सीट से उम्मीदवार बनाया है. सिसोदिया ने अब जंगपुरा सीट पर अपनी जीत के लिए सियासी ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है, जिसके लिए शिक्षा को सियासी हथियार को आजमाने का दांव चला है.

डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने जंगपुरा विधानसभा के लिए अलग से ‘शिक्षा घोषणा पत्र’ जारी किया है. इसके जरिए जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र के बच्चों के भविष्य संवारने का दावा किया है. सिसोदिया ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षा को महत्व देते हुए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों का कायाकल्प करने का भरोसा जंगपुरा क्षेत्र के लोगों को दिलाया है. इस तरह दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पहले प्रत्याशी मनीष सिसोदिया हैं, जो अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से घोषणा पत्र लाए हैं. इस बात से ही समझा जा सकता है कि सिसोदिया जंगपुरा सीट पर कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं.

जंगपुरा के लिए मनीष सिसोदिया के वादे

सिसोदिया ने कहा कि मैंने शिक्षा मंत्री के रूप में काम करते हुए दिल्ली के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने के लिए एक ठोस नींव तैयार की है और अब जंगपुरा से विधायक बनने के बाद क्षेत्र के स्कूलों में क्रांतिकारी बदलाव लाने पर काम करूंगा. सिसोदिया ने जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सराय काले खां और हजरत निजामुद्दीन इलाके में सभी सुविधाओं से सुसज्जित दो नए स्कूल बनाए जाने का वादा किया. सरकारी स्कूलों की तरह ही क्षेत्र के सभी सहायता प्राप्त स्कूलों में शैक्षिक सुविधाएं दी जाएंगी और निजी स्कूलों की मनमाना फीस नहीं बढ़ाने की घोषणा की. हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू के साथ उन भाषाओं के टीचर्स भी रखे जाएंगे, जो पढ़ने वाले बच्चों की मातृ भाषा है.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि फिरोज शाह कोटला और हरि नगर आश्रम के स्कूल में शानदार नई बिल्डिंग बनाई जाएगी और यहां बच्चे 12वीं तक की पढ़ाई कर सकेंगे. इसके अलावा जंगपुरा क्षेत्र के सभी स्कूलों में टीचर्स की संख्या पूरी रहेगी. स्कूलों में सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारी होंगे ताकि सुरक्षा-सफाई की व्यवस्था बेहतरीन रहे. इसके अलावा जंगपुरा क्षेत्र के सभी 11 सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही शैक्षिक सुविधा दी जाएगी जो दिल्ली सरकार के स्कूलों के बच्चों को मिलती है.

वहीं, सियोदिया ने ऐलान किया है कि जंगपुरा क्षेत्र के टीचर्स व प्रिंसिपल के लिए सम्मान, सुविधाएं और ट्रेनिंग दी जाएंगी. बच्चों के लिए स्पोकेन इंग्लिश के कोर्स किए जाएंगे. साथ ही जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा के कोर्स शुरू किए जाएंगे. इसके अलावा स्कूल में डांस-ड्रामा स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग दी जाएगी. आईटीआई हजरत निजामुद्दीन में वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी के साथ नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जोकि रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे.

जंगपुरा में सिसोदिया की चुनौती बने सूरी

जंगपुरा विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक प्रवीण कुमार का टिकट काटकर मनीष सिसोदिया को उतारा है. बीजेपी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन कांग्रेस ने पूर्व मेयर फरहाद सूरी को उतारा है. फरहाद सूरी जंगपुरा क्षेत्र के तहत आने वाले निजामुद्दीन वार्ड से पार्षद हैं. इसके अलावा पंजाबी और मुस्लिम वोटों पर फरहाद सूरी की मजबूत पकड़ है. इतना ही नहीं जंगपुरा के हाई प्रोफाइल इलाके में भी फरहाद सूरी की मजबूत पकड़ मानी जाती है, जिसके चलते ही सिसोदिया के लिए जंगपुरा सीट काफी मुश्किलों भरी मानी जा रही है. ऐसे में सिसोदिया ने जंगपुरा सीट पर जीत के लिए अपने सियासी दांव चलना शुरू कर दिए हैं.

जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में करीब 20 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं, जिस पर फरहाद सूरी की मजबूत पकड़ मानी जाती है. कांग्रेस से टिकट फाइनल होने के बाद से ही सूरी जंगपुरा क्षेत्र के मुस्लिम बस्तियों में एक्टिव हैं. वो लगातार निजामुद्दीन ही नहीं दरियागंज से लेकर अन्य दूसरे तमाम इलाकों में कार्यक्रम भी शुरू कर दिए हैं. फरहाद सूरी पार्षद रहते हुए किए गए कार्यों को लेकर मतदाताओं तक जा रहे हैं.

कांग्रेस प्रत्याशी फरहाद सूरी के सियासी दांव के चलते मनीष सिसोदिया के लिए आसान माने जाने वाली सीट काफी मुश्किलों भरी बनता जा रही है. इसीलिए सिसोदिया ने अब अपने सबसे बड़े सियासी हथियार को आजमाना शुरू कर दिया है. इसके लिए उन्होंने जंगपुरा क्षेत्र में शिक्षा के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी कर सुनहरा सपना दिखाने का काम किया है. ऐसे में देखना है कि सिसोदिया जंगपुरा के कायाकल्प का वादा करके चुनावी जंग फतह कर पाएंगे कि नहीं?

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