पहाड़ों में भारी बर्फबारी, 4 टूरिस्ट फंसे… सरकारी अमले ने ऐसे किया रेस्क्यू

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

उत्तराखंड में हो रही भारी बर्फबारी से राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में जन जीवन प्रभावित हो गया है. हाल ही में, नीती घाटी के मलारी फरकिया गांव के पास चार सैलानी बर्फबारी में फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया. यह पर्यटक ऋषिकेश के रहने वाले हैं और 27 दिसंबर से बर्फ में फंसे हुए थे. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को सुरक्षित रूप से आइटीबीपी कैंप में पहुंचाया. इस दौरान, मलारी हाइवे भी बर्फबारी के कारण बंद हो गया था.

गोपेश्वर के रिमखिम क्षेत्र में भी एक और घटना सामने आई. जहां बीएसएनएल के टावर बनाने में लगे नौ लोग बर्फबारी में फंस गए. ये सभी लोग 27 दिसंबर से लापता थे, जिसके बाद 30 दिसंबर को प्रशासन को सूचना दी गई कि उनकी जान को खतरा हो सकता है. प्रशासन ने इन लोगों के रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर भेजा. हवाई सर्वेक्षण से पता चला कि ये सभी लोग एक गुफा में सुरक्षित थे. इनकी कच्ची झोपड़ियां बर्फ की वजह से टूट गई थीं. यह सभी लोग बर्फबारी से बचने के लिए गुफा में छिपे हुए थे.

जानकारी के अनुसार ये लोग पेज डिजिटेक कंपनी के कर्मचारी थे. जो सीमा क्षेत्र में मोबाइल टावर का निर्माण कर रहे थे. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ की टीम भी मौजूद थी. अधिकारियों ने सेना और बीआरओ के अधिकारियों से कॉन्टैक्ट कर सभी को सुरक्षित निकाला और कोई भी दुर्घटना नहीं हुई.

प्रशासन ने दी जानकारी

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोरी जोशी ने बताया कि इन सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. टावर कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर जानकारी ली गई और सभी को राहत प्रदान की गई. इसके साथ ही, यह भी बताया गया कि इन लोगों का कार्यक्षेत्र अत्यधिक बर्फबारी वाले इलाके में था जिसके चलते उनका संपर्क कट गया था.

उत्तराखंड में इन दिनों बर्फबारी का मौसम जारी है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है. ऐसे में, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

Share This Article