सर्वे के दौरान हुए थे दंगे, अब कमेटी ही क्यों गिराने लगी मस्जिद की दीवार?

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

उत्तर प्रदेश के संभल से एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में जामा मस्जिद की दीवारें तोड़ी जा रही है. यह वही जामा मस्जिद है, जिसमें सर्वे के दौरान दंगा भड़क गया था और 6 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं सीओ और इंस्पेक्टर को भी गोली लगी थी. वीडियों की पड़ताल कराने पर पता चला है कि जामा मस्जिद की दीवारें गिराने का काम कोई सरकारी एजेंसी नहीं, बल्कि खुद जामा मस्जिद कमेटी कर रही है.

इस संबंध में जामा मस्जिद कमेटी के सचिव जफर अली का बयान भी सामने आया है. इसमें उन्होंने बताया कि दीवारें जर्जर हो गई थीं. इससे दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तोड़फोड़ और मरम्मत का काम शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि जामा मस्जिद में कुछ दुकानें भी बनाई गई थीं. इनके जर्जर होने की वजह से बुलडोजर लगाकर इन्हें गिराया गया है. इसके अलावा कुछ अधबनी दुकानों को भी तोड़ा गया है.

प्रशासन ने दिया था दीवारें तोड़ने के निर्देश

बता दें कि शुक्रवार को ही जुमे की नमाज के दौरान डीएम और एसपी जामा मस्जिद पहुंचे थे. इन अधिकारियों ने मस्जिद की दीवारों की हालत देखकर कमेटी को जरूरी सुझाव दिए थे. इसमें खासतौर पर जर्जर स्ट्रक्चर को तत्काल हटाने के लिए कहा था. आशंका जताई थी कि इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है. प्रशासन की ओर से सुझाव आने के बाद जामा मस्जिद कमेटी ने शनिवार को खुद बुलडोजर मंगवा कर जर्जर दीवार गिराना शुरू कर दिया.

80 गज जमीन पर बना है जामा मस्जिद

इस मौके पर एसडीएम वंदना मिश्रा और शाही जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट जफर भी मौजूद रहे. बता दें कि शाही जामा मस्जिद कुल 80 गज जमीन पर बना था. वहीं इसी कैंपस में तीन दुकानें भी बनी थीं, जबकि तीन अध बनी दुकानें भी थीं. यह सभी जर्जर स्थिति में थी. सूचना मिलने पर मीडियाकर्मियों से जफर अली ने बताया कि जमीन मस्जिद की है, लेकिन दुकानें जर्जर हो चुकी थीं. इसलिए उन्हें तोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि मस्जिद का नक्सा भी उनके पास है, लेकिन किसी कारणवस यहां प्रस्तावित दुकानें बन नहीं पायी थीं और रखरखाव के अभाव में जर्जर हो गई थीं.

Share This Article