वाराणसी: काशी के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में डेढ़ महीने तक नहीं मिलेगा नॉनवेज, क्यों लिया गया ये फैसला?

R. S. Mehta
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ के दौरान वाराणसी के सभी रेलवे स्टेशन परिसर और खुलने वाली ट्रेनों की पैंट्री में नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाया गया है. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ, जीआरपी और सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहेंगे. ट्रेन के आने और जाने पर इनकी इंटर्नल टीम एक्टिव हो जाएगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म से बाहर निकाला जा सके और उनका मार्गदर्शन किया जा सके.

ये जानकारी वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने दी. स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए तीन हेल्पडेस्क बनाए गए हैं, जिन्हें एक मेन एंट्री पर और दो होल्डिंग एरिया में बनाया गया है. उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर मेडिकल टीम एक्टिव रहेगी. डॉक्टर के साथ पैरा मेडिकल स्टॉफ भी मौजूद रहेंगे. स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट पर 108 एम्बुलेंस सेवा मौजूद रहेगी.

साफ-सफाई और सुरक्षा का रखा जा रहा विशेष ख्याल

वाराणसी के मण्डलायुक्त ने महाकुंभ को लेकर एक समीक्षा बैठक की. बैठक में ये तय किया गया कि ऑटो, ई रिक्शा और मोटर बोट का किराया निर्धारित. यात्रियों और श्रद्धालुओं से उससे ज्यादा किराया नही लिया जाएगा. पलट प्रवाह को देखते हुए विशेष रूप से बसंत पंचमी से महाशिवरात्रि तक स्टेशन, गंगा घाट और धार्मिक स्थलों के आस पास साफ सफाई और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाएगा. सड़कों को गड्ढा मुक्त करने से लेकर घाटों पर साफ सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान रखना है .

NDRF और गोताखोर किए जा रहे तैयार

जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए घाट के दोनों तरफ जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान सक्रिय रहेंगे. नहाने के लिए स्थान सुनिश्चित किए जाएंगे और गोताखोरों को सक्रिय रखा जाएगा. महाकुम्भ के दौरान पूरे शहर में स्वच्छता अभियान युद्ध स्तर पर जारी रहेगा. यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण स्थानों के लिए साइन बोर्ड लगाए जायेंगे. विश्वनाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी समीक्षा की गई है. प्रशासन की कोशिश है कि महाकुम्भ में जो भी श्रद्धालु प्रयागराज से काशी आता है तो यहां से खुशनुमा एहसास और मीठी यादें लेकर जाए.

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