भारत को बचाने के लिए फारूक अब्दुल्ला ने बताए उपाए, 370 पर भी कही ये बात

R. S. Mehta
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पार्टी कार्यालय जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर देश को आगे ले जाना है तो ये आज भी हमसे बलिदान मांगता है. अगर हम ऐसा नहीं कर सकते, तो हम भारत को नहीं बचा पाएंगे. भारत को बाहर से कोई खतरा नहीं है बल्कि, देश के अंदर से खतरा है. घर को हमेशा कोई अंदर वाला ही नुकसान पहुंचाता है, कोई बाहरी नहीं.

अगर हमें इस घर को मजबूत करना है तो हमें खुद को मजबूत करना होगा. वे जिन परेशानियों का सामना करते हैं और उनका समाधान ढूंढते हैं. यह उनका प्रचार है हिंदू खतरे में हैं. मैं उनसे पूछता हूं कि यह कैसे संभव है? यहां की पूरी आबादी में 80% हिंदू हैं. ऐसा प्रचार केवल लोगों में डर पैदा करने के लिए किया जाता है.

क्यों लगाया गया था आर्टिकल 370?

अगर आपको इस तरह के प्रचार का समाधान ढूंढना है तो आपको जाना होगा कि यहां के लोगों के बीच 1927 में आर्टिकल 370 सिर्फ कश्मीर के लोगों के लिए ही नहीं है. बल्कि, डोगरा लोगों की सुरक्षा के लिए भी लाया गया था. आज यहां रोजगार के अवसर बाहर से आने वालों के लिए जा रहे हैं. उंगलियां उठीं हमारे नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं पर जो मुस्लिम थे और थे पाकिस्तानी करार दिया गया. 75 सालों के बाद लोगों को समझ आ गया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस लोगों के लिए है.

क्या था आर्टिकल 370?

आर्टिकल 370 भारतीय संविधान में बताया गया वर्णित प्रावधान था. इसमें जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष अधिकार प्रदान करता था. जम्मू और कश्मीर भारत का अहम हिस्सा था, लेकिन इस आर्टिकल के तहत उसे कुछ विशेष स्वतंत्रता थी. इस अनुच्छेद के अंतर्गत जम्मू और कश्मीर राज्य के पास बाहरी और भीतरी मामलों से जुड़े विषयों पर कई विशेष अधिकार मिले हुए थे. जैसे राज्य के भीतर भारत का ही कोई शख्स जमीन लेने का अधिकार नहीं रखता था.

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