दिल्ली विधानसभा चुनाव: पूर्वांचल के वोटर को साधने के लिए BJP ने बनाई स्पेशल टीम, कल से उतरेंगे मैदान में

R. S. Mehta
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बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूर्वांचली वोटरों को साधने के लिए पूर्वांचली नेताओं की टीम बनाई. यूपी और बिहार के करीब 100 नेताओं को जिम्मेदारी दी. पूर्व सांसद और असम बीजेपी के प्रभारी हरीश द्विवेदी को संयोजक बनाया गया है.गुरुवार से पूर्वी भारत के बीजेपी नेता दिल्ली के चुनावी मैदान में उतरेंगे. उससे पहले दोपहर 2 बजे दिल्ली में लगाए गए सभी नेताओं की बैठक होगी. बैठक में संगठन बीएल संतोष, भाजपा महासचिव तरुण चुग, हरीश द्विवेदी दिशा निर्देश देंगे.

बता दें कि दिल्ली की 70 में से 27 सीटों पर पूर्वांचलियों का असर माना जाता है.दिल्ली की 27 सीटों पर वोट शेयर की बात करें तो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मतदाता काफी ताकतवर हैं. यही वजह है कि सभी पार्टियों की नजर इन पर है और जैसे-जैसे 5 फरवरी को वोटिंग की तारीख नजदीक आ रही है, पूर्वांचल के मतदाताओं को लेकर भाजपा और आप दोनों आमने-सामने आ गई हैं.

गौरतलब है कि पिछले महीने से ही दोनों पार्टियों के बीच वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और कटवाने को लेकर जुबानी जंग चल रही है. भाजपा ने भी केजरीवाल के बयान को उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के अपमान से जोड़कर इसे चुनावी मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है,

दिल्ली चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं पूर्वांचल के वोटर्स

दिल्ली में भी हिंदी बेल्ट बिहार, यूपी और झारखंड के पूर्वांचलियों का दबदबा लगातार तेजी से बढ़ रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कई ऐसी सीटें हैं, जहां उनकी संख्या 25 से 38 फीसदी है. इस प्रकार उनकी संख्या को देखते हुए लगभग हर राजनीतिक दल ने पार्टी में महत्वपूर्ण पदों के साथ-साथ पूर्वांचल के लोगों को टिकट देने को भी महत्व दिया है.

2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 12 सीटों पर पूर्वांचल के लोगों को टिकट दिया था. इस बार भी पार्टी ने करीब 12 पूर्वांचली चेहरों को चुनाव में उतारा है. पूर्वांचल के लोगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से हो रही सियासत चुनाव में उनकी अहमियत को दर्शाती है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली पहुंचने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोग अब यहां के राजनीतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. लोकसभा चुनाव में भाजपा इनका समर्थन पाने में सफल रही है.

पूर्वांचल के वोटरों पर बीजेपी की खास नजर

2014 और 2019 के बाद अब 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को उन इलाकों में अच्छी बढ़त मिली है, जहां पूर्वांचल के लोगों की संख्या ज्यादा है. इस वर्ग के महत्व को देखते हुए भाजपा दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के जरिए उनके मुद्दों को उठा रही है, जहां छठ पूजा की तैयारियां, छठ के दौरान यमुना का गंदा पानी या झुग्गियों का मुद्दा हो, पूर्वांचलियों से जुड़े मुद्दों को उठाया जाता है. जगदंबा सिंह, बिपिन बिहारी सिंह, मनोज तिवारी और अन्य जैसे पूर्वांचली नेता चुनाव से पहले पूर्वांचली समुदाय का विश्वास जीतने की कोशिशें तेज कर रहे हैं.

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