काशी में महाकुंभ की पाठशाला, प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को बताया जा रहा इतिहास और महात्म्य

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

उत्तर प्रदेश ही समूचे देश में महाकुंभ की धूम है. महाकुंभ में इंतजामों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस बात को महाकुंभ पहुंचने वाले लोग भी मान रहे हैं.इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसी व्यवस्था भी की है, जिससे वो लोग भी महाकुंभ और इसके महात्म्य से परिचित हो जाएंगे, जो किसी कारणवस महाकुंभ नहीं जा पा रहे हैं. इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने काशी में महाकुंभ को लेकर एक अनोखी पाठशाला शुरू की है. इस पाठशाला में बच्चों को महाकुंभ की विशेषता, महत्व और महात्म्य को पढ़ाया जा रहा है.

स्कूलों में इसके लिए नियमित कक्षाएं लगाई जा रही हैं. इस दौरान बच्चों को प्रेरित किया जा रहा है कि वह खुद भी सीखें और घर जाकर अपने माता पिता को भी बताएं. वाराणसी जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक बुकलेट भी तैयार किया है. तीन पेज के इस बुक लेट में महाकुंभ का माहात्म्य, महाकुंभ की कथा और कुंभ कितने प्रकार के होते हैं आदि के विवरण दिए गए हैं. इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि इस बार महाकुंभ में क्या-क्या सुविधाएं हैं. इन सभी विषयों पर जानकारी दी गई है और नोट्स लिखे गए हैं.

एक-एक टीचर को मिली है पढ़ाने की जिम्मेदारी

इस बुकलेट को प्राथमिक विद्यालयों में वितरित कर पढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में रोजाना महाकुंभ की विशेषताओं पर आधारित कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं. इसके लिए एक अध्यापिका की ड्यूटी लगाई गई है. अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जिसमें प्राथमिक विद्यालयों में महाकुंभ की विशेषता पढ़ाई जा रही है. इसमें सनातन संस्कृति को बताया जा रहा है. बाकायदा बोर्ड पर लिखकर बच्चों को समझाया जा रहा है कि महाकुंभ क्या है, हम कुम्भ स्नान क्यों करते हैं और इस कुंभ में स्नान करने का क्या महत्व या फल प्राप्त होता है.

महाकुंभ क्लास को एंजॉय कर रहें हैं बच्चे

क्लास में इसे पढ़ाने के सिलेबस के तौर पर पहले यह बुकलेट बच्चों में वितरित किया गया. बच्चों को महाकुंभ के बारे में पढ़ाने वाली अध्यापिका का कहना है कि इस तरह का अनूठा प्रयास और पौराणिक ज्ञान देने की व्यवस्था पहली बार शुरू हुई है. उन्होंने बताया कि इस प्रयास से बच्चों को हमारी सभ्यता और संस्कृति का ज्ञान होगा. उन्हें पता चलेगा कि कुंभ क्या है तो वह अपने घर में जाकर अपने मां बाप को भी बताएंगे. इस कक्षा में बैठने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें आज तक नहीं पता था कि कुंभ होता क्या है, लेकिन अब कुंभ के क्लास में उन्हें मजा आने लगा है.

Share This Article