7 दिन की रिमांड पर भेजा गया पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा, अब धनकुबेर के खजाने का खुलेगा राज?

R. S. Mehta
4 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

मध्य प्रदेश में धनकुबेर आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को 7 दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है. उसके साथ ही विशेष लोकायुक्त कोर्ट ने चेतन शर्मा को भी पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. दोनों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया था. करीब 5 घंटे की पूछताछ के बाद इन्हें लोकायुक्त पुलिस ने कोर्ट में पेशकर आगे की पूछताछ के लिए 15 दिन की रिमांड मांगी थी. हालांकि कोर्ट ने महज 7 दिन का रिमांड मंजूर करते हुए पुलिस को जांच पूरी करने को कहा है. अब पुलिस 4 फरवरी को उसे दोबारा कोर्ट में पेश करेगी.

बता दें कि सौरभ शर्मा ने सोमवार को खुद कोर्ट पहुंच कर अपने सरेंडर की अर्जी लगाई थी. वहीं मंगलवार को वह दोबारा इस अर्जी पर सुनवाई के लिए पहुंचा था. इसी दौरान लोकायुक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया. इसके थोड़ी ही देर बाद पुलिस ने उसके साथी चेतन गौर और शरद जायसवाल को भी गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद तीनों को थाने ले जाकर करीब 5 घंटे तक पूछताछ की गई. इस दौरान तीनों ने काफी राज उगले हैं. ऐसे में पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेशकर उगले गए सभी राज को सत्यापित करने के लिए 15 दिन की रिमांड मांगी थी. हालांकि कोर्ट ने केवल 7 दिन की रिमांड मंजूर की है.

41 दिन से फरार था सौरभ शर्मा

बता दें कि सौरभ शर्मा और उसके दोनों साथी बीते 41 दिनों से फरार थे. लोकायुक्त पुलिस ने इनकी कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद किया था. इसके अलावा इनके घर से लोकायुक्त पुलिस ने 234 किलो से अधिक चांदी और करोड़ों रुपए कैश बरामद किया था. लोकायुक्त पुलिस का दावा है कि प्राथमिक पूछताछ में ही तीनों आरोपियों ने हैरान करने वाले राज उगले हैं. अब रिमांड अवधि में पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट कर सभी मामलों का सत्यापन करेगी.

सौरभ ने जताया जान को खतरा

सौरभ शर्मा के वकील राकेश पाराशर ने कोर्ट में अर्जी दाखिलकर उसकी जान को खतरा बताया है. पुलिस रिमांड के लिए हो रही बहस के दौरान उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा के पास अब बताने के लिए कुछ नहीं है. ऐसे में पुलिस रिमांड का कोई औचित्य नहीं है. राकेश पाराशर ने कोर्ट को बताया कि लोकायुक्त पुलिस के रिमांड के दौरान सौरभ की जान को खतरा है. उन्होंने कोर्ट में रिमांड अवधि के दौरान सौरभ के वकील ने मुलाकात, रोजाना मेडिकल जांच और पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग की है.

19 दिसंबर को बरामद हुआ था कुबेर का खजाना

बता दें कि लोकायुक्त की टीम ने 19 दिसंबर को परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के अरेरा हिल्स स्थित घर और ऑफिस पर छापा मारा था. इन ठिकानों से पुलिस ने 2.95 करोड़ की नगदी और करीब 50 लाख के सोने चांदी के जेवरात बरामद किए थे. इसके अलावा 234 किलो चांदी और जमीनों के दस्तावेज भी मिले थे. इससे पहले लोकायुक्त की टीम ने आधी रात को मेंडोरी के जंगल में लावारिस खड़ी कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश बरामद किया था. यह कर सौरभ के सहयोगी चेतन गौर के नाम से है. चेतन ने ही जांच एजेंसियों की पूछताछ में सारा माल सौरभ शर्मा का बताया था.

Share This Article