2 राज्यों में चुनाव, बजट से ‘वोट दांव’… दिल्ली में ‘नहले पर दहला’, बिहार में बहार

R. S. Mehta
8 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट पेश कर दिया. बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार के आम बजट को दिल्ली और बिहार के विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. दिल्ली में सिर्फ 4 दिन बाद वोटिंग है और बिहार में भी चुनाव होना है. बजट के दौरान दिल्ली का ज्यादा बार नाम तो नहीं लिया गया, लेकिन दिल्ली में जिस मिडिल क्लास को मुख्य मुद्दा बनाकर पिछले कुछ दिनों से राजनीति हो रही थी.

बजट में मिडिल क्लास का खास ख्याल रखा गया. विशेषतौर पर टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा हुई है. 12 लाख तक की इनकम को टैक्स फ्री किया गया है. वहीं बिहार की बात करें तो मखाना बोर्ड. ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट समेत 7 बड़े ऐलान किए गए हैं. जिसकी जानकारी और इस पर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बारे में आगे बात करेंगे. पहले बात करते हैं दिल्ली की जहां बजट के बाद अचानक चुनावी तापमान बढ़ चुका है. इस वक्त दिल्ली में नहले पर दहला वाला दंगल चल रहा है.

केजरीवाल ने इनकम टैक्स वाला मुद्दा उठाया था

कुछ दिन पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए इनकम टैक्स वाला मुद्दा उठाया था. 22 जनवरी को अरविंद केजरीवाल ने 10 लाख रुपए तक इनकम टैक्स में छूट की मांग की थी. इसके बाद इसे मुख्य मुद्दा बनाकर कई बार सरकार पर सवाल उठाए. आज बजट में सरकार ने नहले पर दहला वाला दांव चला.

बजट 2025 की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 7 लाख की छूट को अब 12 लाख रुपए तक किया जा रहा है. मतलब ये कि अब 12 लाख 75 हजार रुपए सालाना कमाने वाले नौकरीपेशा लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा. यहां 75 हजार रुपए का फायदा स्टैंडर्ड डिडक्शन की वजह से है. मतलब यही कि जहां केजरीवाल टैक्स टेररिज्म वाले सवाल उठा रहे थे, वहीं मोदी सरकार ने टैक्स न्यू रिजीम वाली छूट देकर चुनावी दांव चला है.

दिल्ली चुनाव में मिडिल क्लास वालों की कितनी भूमिका?

अब सवाल यह है कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में मिडिल क्लास की कितनी भूमिका है और क्यों दिल्ली में सभी पार्टियां सत्ता के लिए मीडिल क्लास पर फोकस कर रही है. दिल्ली में मिडिल क्लास की आबादी काफी ज्यादा है, लोकसभा में ये मिडिल क्लास बीजेपी के बूथ और विधानसभा में आम आदमी पार्टी के बूथ पर पहुंच जाती है, जिसका असर ये होता है कि विधानसभा में अरविंद केजरीवाल 60 से ज्यादा सीटें जीतते हैं और लोकसभा में बीजेपी सभी 7 सीट जीत जाती है. आपको आज दिल्ली में मिडिल क्लास के वोटिंग पैटर्न को भी समझना चाहिए तभी इस लड़ाई को समझ पाएंगे.

वैसे दिल्ली को संपन्नता के आधार पर वर्गों में बांटे तो CSDS के मुताबिक यहां मिडिल क्लास की आबादी करीब 45 फीसदी है. 2015 के चुनाव में मिडिल क्लास के 55 फीसदी लोगों ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया था और 35 फीसदी ने बीजेपी को चुना था. ये अंतर 20 फीसदी का था, जिससे AAP को भारी बढ़त मिल गई थी. 2020 के चुनाव में मिडिल क्लास के 53 फीसदी लोगों ने AAP को और 39 फीसदी ने बीजेपी को वोट दिया, ये अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया, जिससे AAP की सीट थोड़ी कम हुईं लेकिन जीत इसके बावजूद मिली.

इस बार मिडिल क्लास के मन में क्या है कोई नहीं जानता है. सवाल बस इतना है कि क्या टैक्स छूट वाली घोषणा दिल्ली चुनाव के लिए गेम चेंजर साबित होगी. इस सवाल का सटीक जवाब सिर्फ और सिर्फ दिल्ली की जनता देगी जिसका पता 8 फरवरी को चलेगा.

बिहार पर फिर मेहरबान हुई सरकार

अब बात करते हैं दूसरे चुनावी राज्य बिहार की करते हैं. बजट में बिहार की झलक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहली तस्वीर से देखने को मिली जब वो ऑफ व्हाइट कलर की मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी में दिखीं. ये साड़ी उन्हें बिहार में रहने वाली पद्मश्री विजेता दुलारी देवी ने गिफ्ट की थी.

2 महीने पहले वित्त मंत्री क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में मधुबनी आई थीं. उस वक्त दुलारी देवी ने उन्हें ये साड़ी भेंट की थी और बजट वाले दिन पहनने की विनम्र अपील की थी. आज बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने उनकी अपील का भी ख्याल रखा और बिहार का भी विशेष ख्याल रखा. बिहार के लिए बजट में की गई 7 विशेष घोषणाओं के बारे में आपको बताते हैं.

  1. बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. मखाने के उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सुधार के लिए बिहार में ये बोर्ड बनेगा.
  2. दूसरा बड़ा ऐलान ये है कि बिहार में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान खुलेगा, इससे छात्रों को लाभ मिलेगा.
  3. वित्त मंत्री ने बिहार में 3 नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने की बात भी कही. ताकि राज्य की भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके. ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को किसी शहर में पहले से मौजूद एयरपोर्ट पर भीड़ को कम करने के उद्देश्य के लिए बनाया जाता है, जिससे वहां लोगों की मौजूदा भीड़ को कम किया जा सके. इसके अलावा पटना एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाई जाएगी.
  4. निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि IIT पटना का विस्तार होगा. नए हॉस्टल बनाए जाएंगे यानी की छात्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
  5. बिहार के लिए एक और बड़ा ऐलान हुआ. बिहार में पश्चिम कोसी नहर परियोजना शुरू होगी इससे लगभग 50 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा. बड़ी संख्या में किसानों की मदद होगी
  6. बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के निर्माण की भी घोषणा की गई है. उम्मीद है इससे पूर्वी क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग की क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायता मिलेगी.
  7. इसके अलावा मिथिलांचल के किसानों के लिए स्पेशल पैकेज का एलान किया गया है. दलहन की खेती को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया गया है.

बिहार में चुनाव भी है बजट में बिहार के लिए ऐलान भी है. तो राजनीति तो होनी ही थी, सियासी विरोधियों का आरोप है कि ये बजट बिहार के गांव, ग्रामीण और गरीबों का विरोधी है.

Share This Article