कुंभ के जाम में एक्टिव हुए BJP कार्यकर्ता, फंसे लोगों को मिलेगा भोजन-पानी; अखिलेश बोले- लोगों को बुलाकर सारे जिम्मेदार गायब

R. S. Mehta
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गाड़ियों की लंबी कतारें, घंटों का इंतजार… महाकुंभ नगर के आसपास के इलाकों में देशभर से आ रहे लोगों के लिए ये आम बात हो गई है. पिछले कुछ दिनों से महाकुंभ नगर को जाने वाले रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम है. इस बीच राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने की अपील की है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, लोग परेशान हैं, बेचैन हैं और कोई जिम्मेदार मंत्री या व्यक्ति नहीं दिख रहा है. इधर, मेला रूट पर कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के संगठन मंत्री बीएल संतोष ने जाम में फंसे लोगों तक भोजन-पानी पहुंचाने की बात कही है.

उन्होंने एक्स पर अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखा, ‘पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर कार्यकर्ता सड़कों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट, कुंभ यात्रियों को खाना और मेडिकल से जुड़ी चीजें उपलब्ध कराने में प्रशासन की सहायता करें.’ बीएल संतोष के ट्वीट के बाद से यूपी बीजेपी एक्शन में नजर आ रही है.

पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि कार्यकर्ता, फंसे श्रृद्धालुओं को भोजन-पानी आदि की सहायता पहुंचाएं. पार्टी कार्यालय से लगभग 10 जिलों के जिलाध्यक्षों, नेताओं को निर्देश भेजा जा रहा है, ताकि फंसे यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके. इस बाबत प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, भदोही, मिर्जापुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, मिर्जापुर, चित्रकूट आदि जिलों के अध्यक्षों को भी निर्देश जारी किया गया है.

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्रों से होकर महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करें. उन्होंने कहा, “सभी कार्यकर्ता बंधुओं से आग्रह है कि आपके क्षेत्र से होकर महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं की मदद करें. उनके भोजन और जरूरत पड़े तो ठहरने की व्यवस्था भी करें. श्रद्धालुओं को कोई असुविधा ना हो, इसका विशेष ध्यान रखें.”

अखिलेश ने सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रयागराज में भारी ट्रैफिक जाम के लिए यूपी सरकार की आलोचना की और कहा कि इससे महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी असुविधा हो रही है. अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा, प्रयागराज में जाम की वजह से न तो खाने-पीने के लिए खाद्यान्न और सब्जी-मसाले उपलब्ध हो पा रहे हैं और न ही दवाई, पेट्रोल-डीजल. इससे प्रयागराज तथा महाकुंभ परिसर व प्रयागराज आने-जाने वाले मार्गों पर फंसे करोड़ों भूखे-प्यासे, थके-हारे श्रद्धालुओं की हालत हर घंटे बद से बदतर होती जा रही है. ये एक अति गंभीर स्थिति है.

उन्होंने कहा, जैसे राज्यों में संवैधानिक तंत्र फेल (नाकाम) हो जाने पर कमान किसी और को दे दी जाती है वैसे ही महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का अंबार देखते हुए किस योग्य व्यक्ति को शासन की कमान दे दी जाए. अयोग्य लोग झूठा प्रचार कर सकते हैं, सच्ची व्यवस्था नहीं.

उन्होंने दावा किया, श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन की बैटरी खत्म हो गयी है, जिससे उनका अपने लोगों से संपर्क टूट गया है. संपर्क तथा सूचना के अभाव में लोगों में बेचैनी बढ़ गयी है. हालात पर काबू पाने के लिए कोई जिम्मेदार मंत्री या व्यक्ति नहीं दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री तो पूरी तरह से नाकाम साबित हो ही चुके हैं साथ ही प्रयागराज से संबंधित उपमुख्यमंत्री और कई जाने-माने मंत्रीगण नदारद हैं. जिन्हें जनता के बीच होना चाहिए था वो घरों में बैठे हैं.

उन्होंने कहा, जो सिपाही, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या सफाईकर्मी दिनरात निष्ठापूर्वक भूखे-प्यासे डटे हैं, उनके भोजन पानी की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है. अधिकारी कमरों में बैठकर आदेश तो दे रहे हैं लेकिन जमीन पर नहीं उतर रहे हैं.

यादव ने कहा, प्रयागराज के नगरवासियों को गंदगी, जाम और महंगाई के सिवा कुछ भी नहीं मिला है. सुनने में आया है कि अब भाजपाई, श्रद्धालुओं पर ही ये आरोप लगा रहे हैं कि जब पता है कि हर तरफ बद इंतजामी फैल गयी है कि तो श्रद्धालु आ ही क्यों रहे हैं. कोई प्रदेश में हादसे के मारे लोगों को अपने हाल पर छोड़कर दूसरे प्रदेश में समारोह में शामिल हो रहा है कोई विदेश चला जा रहा है, श्रद्धालुओं का पुरसाहाल कोई है क्या?

कितने लोगों ने किया स्नान?

मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 13 जनवरी से नौ फरवरी तक 43.57 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. एडीसीपी (ट्रैफिक) कुलदीप सिंह ने कहा, ‘वाहनों की संख्या बहुत अधिक है और यात्री इस कोशिश में हैं कि वे नजदीक से नजदीक आएं. इसकी वजह से लंबा जाम लग रहा है. हमें मौनी अमावस्या वाली व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है. मौनी अमावस्या पर जितनी भीड़ आई थी, लगभग उतनी ही भीड़ अब आ रही है.’

हाईवे हुआ फुल, शहर भी पैक

दूर की पार्किंग 50 परसेंट फुल

उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर मेला क्षेत्र के नजदीक की पार्किंग पहले भरी जा रही थी और उसके बाद दूर की पार्किंग भरी जा रही थी. एडीसीपी (यातायात) ने बताया, ‘दूर की पार्किंग 50 प्रतिशत भर गई है. नजदीक वाली पार्किंग छोटी पार्किंग है, जबकि दूर वाली पार्किंग बड़ी है. उदाहरण के तौर पर आईईआरटी और बघाड़ा पार्किंग (मेला क्षेत्र के नजदीक) की क्षमता चार से पांच हजार वाहनों को खड़े करने की है, जबकि दूर की पार्किंग जैसे नेहरू पार्क और बेला कछार की पार्किंग में 20-25 हजार वाहन आ सकते हैं.’

उन्होंने बताया कि स्नान पर्व पर स्थानीय लोगों के वाहन नहीं चलते हैं, लेकिन अभी सभी तरह के वाहन चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के आसार नहीं दिखते.

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