छत्तीसगढ़ में बिताए 27 साल, तीन बांग्लादेशी भाई कैसे पकड़े गए? इराक भागने की थी तैयारी

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

मुंबई एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने तीन बांग्लादेशी भाइयों को गिरफ्तार किया है, जोकि इराक भागने की कोशिश कर रहे थे. ये तीनों भाई पिछले 27 साल से छत्तीसगढ़ में रह रहे थे और खुद को भारतीय नागरिक बताकर पासपोर्ट और वीजा बनवाए थे. इन भाइयों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके भारतीय पहचान बनाने की कोशिश की थी, ताकि इराक जा सकें.

इन तीनों ने छत्तीसगढ़ के मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और यहां तक कि अपनी कक्षा 5वीं की मार्कशीट भी फर्जी तरीके से बनवाए थे. इस फर्जी पहचान के आधार पर उन्होंने पासपोर्ट और वीजा बनवाए थे, जिससे उन्हें इराक जाने का रास्ता मिल गया था. ये तीनों भाई इराक भागने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वहां एटीएस को इनकी योजना का पता चल गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान मोहम्मद इस्माइल (27), शेखर अकबर (23) और शोख साजन (21) के रूप में की गई है. ये तीनों भाई रायपुर के संतोषी नगर में किराए पर रह रहे थे और कबाड़ का काम करते थे. इन भाइयों ने खुद को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी बताया और यहां के फर्जी दस्तावेज तैयार किए. तीनों ने अपने घर के सामान को बेचकर इराक भागने की योजना बनाई थी.

फर्जी दस्तावेज बनाने वाला गिरफ्तार

पुलिस की जांच में यह सामने आया कि इन तीनों भाइयों के फर्जी दस्तावेज छत्तीसगढ़ के टिकरापारा इलाके में रहने वाले शेख अली नामक व्यक्ति ने बनाए थे. शेख अली एक कबाड़ की दुकान चलाता है और उसने इन भाइयों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे. पुलिस ने अब शेख अली को भी गिरफ्तार कर लिया है और इस मामले की जांच जारी है.

स्कूल में फर्जीवाड़ा, कक्षा 5वीं की मार्कशीट भी बनवाई

इन भाइयों ने अपने दस्तावेजों में शंकरनगर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल से कक्षा 5वीं की मार्कशीट भी बनाई थी, जिसमें हिंदी मीडियम लिखा गया था, जबकि उस स्कूल का असली माध्यम इंग्लिश था. इसी फर्जी मार्कशीट के आधार पर इन्हें आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज मिले, जिनके जरिए उन्होंने पासपोर्ट और इराक जाने के लिए वीजा प्राप्त किया.

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के दौरान पाया कि इन तीनों ने अपनी फर्जी पहचान बनाने के लिए अपने घर का सामान बेच दिया था और इराक भागने की योजना बना रहे थे. एटीएस ने इन तीनों को कोर्ट में पेश किया और तीनों को तीन दिन के रिमांड पर लिया है. पुलिस अब इस मामले में और जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही इस अपराधी नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जाएगा.

Share This Article