शब-ए-बरात पर ऐसे दें अपनों को मुबारकबाद, इन कोट्स और शायरियों की लें मदद

R. S. Mehta
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इस्लामिक कैलेंडर में कुछ खास रातों को बहुत अहमियत दी जाती है, जिनमें से एक है शब-ए-बारात. इसे इबादत, मगफिरत (माफी) और बरकत की रात कहा जाता है. इस रात को अल्लाह अपने बंदों की तकदीर लिखता है और गुनाहों की माफी मांगने वालों की दुआ कबूल करता है. शब-ए-बारात को रात-ए-बरात भी कहा जाता है. इस रात को मुसलमान इबादत, तिलावत, नमाज और दुआओं में गुजारते हैं. अपने परिवार, दोस्तों और चाहने वालों को इस मुबारक रात की मुबारकबाद देना भी एक खूबसूरत रिवाज बन चुका है. लोग एक-दूसरे को संदेश , कोट्स और शायरियों के जरिए बधाइयां देते हैं और उनके लिए बेहतरीन दुआएं करते है.

अगर आप भी अपने अपनों को शब-ए-बारात की मुबारकबाद देना चाहते हैं, तो हम आपके लिए कुछ खूबसूरत कोट्स और शायरियां लेकर आए हैं. इनकी मदद से आप अपने चाहने वालों तक इस मुबारक रात की अहमियत पहुंचा सकते हैं और उनके लिए दुआ कर सकते हैं.

शब-ए-बारात के लिए कोट्स और शायरी In Hindi

1.शब-ए-बारात की रात आई है, रहमतें साथ लाई है, दुआ करो खुदा से कि हर ख्वाहिश मंजूर हो जाए.

2.जो मांगा वो मिले, ये जरूरी नहीं, जो अल्लाह ने दिया, वो बेहतरीन है शब-ए-बारात मुबारक हो!

3.इस मुबारक रात में अल्लाह से दुआ है कि आपकी जिंदगी खुशियों से भरी रहे.

4.गुनाहों की माफी मांग लो इस पाक रात में, शब-ए-बारात रहमतों का पैगाम लाती है.

5.मेरा अल्लाह तेरी दुनिया की हर खुशी दे तुझे, तेरी झोली खुशियों से भर दे.

6.माफ कर देना गलती से जो दिल दुखाया हो, इस रात में हम सबको अल्लाह की रहमत मिले.

7.शब-ए-बारात का मौका फिर ना आए, इस रात में खुदा से अपने गुनाह माफ करवाए.

8.जो लोग तुम्हें अपनी दुआओं में याद रखते हैं, उन्हें कभी मत भूलना। शब-ए-बारात मुबारक हो!

9.इस खास रात में बस अल्लाह से यही दुआ है, कि आपकी झोली दुआओं और रहमतों से भर दे.

10.जो पास नहीं है, उन्हें अपनी दुआओं में रखना, शब-ए-बारात की बरकतें तुम्हारे घर पर बरसे.

11.जो बुरा किया, उसे भूल जा, जो अच्छा किया, उसे याद रख, इस पाक रात में हर किसी को माफ कर दे.

12.जिन्होंने तुम्हें दर्द दिया, उन्हें भी दुआ में शामिल करो, शब-ए-बारात यही सिखाती है.

13.इस मुबारक रात में अपने गुनाहों की माफी मांगो, क्योंकि अल्लाह बड़ा रहमदिल है.

14.शब-ए-बारात रहमत की रात है, खुदा से रहमत मांग लो, बख्शिश मांग लो.

15.ये रात गुनाहों से तौबा की रात है, अपने दिल से नफरतें निकाल दो.

16.सब्र करो, क्योंकि अल्लाह सब देखता है, हर दुआ पूरी होती है बस सही वक्त पर.

17.कौन जाने कब आखिरी मौका मिले, इस शब-ए-बारात खुदा से अपनी सारी गलतियों की माफी मांग लो.

18.तौबा कर लो, न जाने अगली शब-ए-बारात देखना नसीब हो या न हो.

19.हर खुशी आपको मिले, ये दुआ है हमारी, शब-ए-बारात की रहमतें आपके घर पर बरसे.

20.खुदा से दुआ करो कि हर अंधेरे में वह तुम्हें रोशनी दिखाए.

21.रात है दुआ की, रात है माफी की, इस रात की हर घड़ी मुबारक हो.

22.अल्लाह सब कुछ जानता है, बस सच्चे दिल से तौबा कर लो.

23.इस रात में अल्लाह से अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए भी दुआ करना.

24.मां-बाप की सलामती के लिए दुआ करो, क्योंकि उनके बिना दुनिया अधूरी है.

25.शब-ए-बारात की रात है, रहमतों की बरसात है, इबादत में खो जाओ, अल्लाह सबकी सुनता है.

26.अगर तुम्हारी दुआ अब तक पूरी नहीं हुई, तो अल्लाह पर यकीन रखो, सही वक्त पर मिलेगी.

27.जो तुम्हें याद करता है, उसे भूलना मत, जो तुम्हें भूल गया, उसे माफ कर दो.

28.दुआ है कि इस शब-ए-बारात पर आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाए.

29.खुदा के रहम से बढ़कर कुछ नहीं, इस रात बस तौबा कर लो.

30.सबको खुश देखो, खुश रहो और खुशियां बांटो, शब-ए-बारात मुबारक हो!

इस मगफिरत की रात आप भी अपने खास लोगों के लिए दुआएं कर सकते हैं और उन्हें ये बेस्ट कोट्स और शायरियों के साथ शब-ए-बारत की मुबारकबाद दे सकते हैं.

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