डुबकी लगाने से पाप नहीं धुलता…महाकुंभ पर सवार होकर ठाकरे-शिंदे में सियासी वार

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि गंगा में डुबकी लगाने से पाप नहीं धुलता. महाराष्ट्र को धोखा देने का पाप जो उन्होंने किया है, वह गंगा में कई बार स्नान करने से भी नहीं धुलेगा. शिंदे का बिना नाम लिए उद्धव ने कहा कि मैं गंगा का सम्मान करता हूं, इसमें डुबकी लगाने का क्या फायदा है.

यहां आप महाराष्ट्र को धोखा देते हैं और फिर डुबकी लगाते हैं. इससे किसी का पाप नहीं धुलता. गंगा में कई बार डुबकी लगाने के बाद भी विश्वासघाती होने का ठप्पा कैसे जाएगा. मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर पार्टी के एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बात कही. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी हमला किया. ठाकरे ने कहा कि बीजेपी को भगवान राम का महत्व सिखाने की जरूरत नहीं है.

बीजेपी पर हमला करते हुए ठाकरे ने कहा कि देश उन लोगों के हाथों में है जिनका स्वतंत्रता संग्राम से कोई संबंध नहीं है. वहीं राज्य उन लोगों के हाथों में है जिनका संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं था. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर किया था कटाक्ष

इससे पहले शिंदे ने महाकुंभ में शामिल नहीं होने के लिए ठाकरे पर कटाक्ष किया था और कहा था कि ठाकरे खुद को हिंदू कहलाने से डरते हैं. दरअसल, इस हफ्ते की शुरुआत में शिंदे और शिवसेना विधायक महाकुंभ के लिए प्रयागराज गए थे.

उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी. इस दौरान मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा था किजो लोग महाकुंभ में शामिल नहीं हुए, उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने इसमें हिस्सा क्यों नहीं लिया. वे कहते रहते हैं कि वे हिंदू हैं.

बगावत के बाद से शिंदे-उद्धव में सियासी दुश्मनी

शिंदे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने गर्व से नारा दिया था, ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’, लेकिन अब वे खुद को हिंदू कहलाने से डरते हैं और बाल ठाकरे को हिंदूहृदय सम्राट कहते हैं. पार्टी में बगावत के बाद से शिंदे और उद्धव में सियासी दुश्मनी है. 2022 में उद्धव की शिवसेना ने शिंदे और 39 विधायकों पर शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने के लिए 50 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था.

Share This Article