उत्तराखंड से हिमाचल तक मौसम की मार, चमोली में बर्फ का पहाड़ टूटा, 9 मजदूर अब भी दबे, 46 बचाए गए; शिमला-मनाली में कई सड़कें बंद

R. S. Mehta
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उत्तराखंड के उंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है. इस बीच चमोली जिले के बद्रीनाथ में सीमांत माणा गांव के पास शुक्रवार तड़के हिमस्खलन होने से 55 मजदूर फंस गए, जिसमें से 33 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 22 मजदूर अब भी दबे हुए हैं. प्रदेश के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हुई हिमस्खलन की घटना में पहले 57 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी मिली थी, लेकिन अब स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि दो मजदूरों के छुट्टी पर होने के कारण मौके पर 55 मजदूर थे.

इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने बचाव कार्यों में वायुसेना के हेलीकॉप्टर के साथ ही राज्य सरकार की एजेंसी युकाडा और प्राइवेट कंपनियों के हेलीकॉप्टर को भी शनिवार सुबह से बचाव कार्यों में शामिल करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात की और चमोली जिले के माणा में फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली. उन्होंने राज्य में बारिश और बर्फबारी की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली. इस दौरान प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद देगी.”

इन इलाकों में बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कल यानी 2 मार्च को मौसम साफ रहेगा. हालांकि फिर 3 मार्च के लिए बारिश का अलर्ट है. इसके साथ ही अल्मोड़ा, बद्रीनाथ, भीमताल, चमोली, चंपावत, धारचूला, गोपेश्वर, हरिद्वार, हल्द्वानी, नैनीताल, मसूरी और मुक्तेश्वर में बादल छाए रहने की संभावना है. हालांकि इन इलाकों में आगे मौसम साफ रहेगा.

करीब 218 सड़कें बंद हो गईं

वहीं हिमाचल प्रदेश में हिमपात और बारिश की वजह से शुक्रवार को भूस्खलन हुआ. इसके बाद प्रमुख सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए, जिसका असर कई इलाकों पर पड़ा. लगातार तीसरे दिन रुक-रुक कर हो रहे हिमपात और बारिश से राजमार्ग बाधित हो गए हैं. राज्य भर में 218 सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं, जिससे कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और शिमला जिलों पर इसका असर पड़ रहा है.

चंबा और मनाली में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है. हालांकि, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित समय के अनुसार ही होंगी. कुल्लू में भारी बारिश के कारण अखाड़ा बाजार और गांधी नगर में पानी भर गया है. बहते पानी से सड़कों के किनारे खड़े कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन ने नेहरू कुंड से आगे वाहनों का आवागमन रोक दिया है क्योंकि सोलंग नाला, गुलाबा, अटल टनल और रोहतांग में बर्फबारी हुई है.

बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग की ओर से लाहौल-स्पीति और किन्नौर, चंबा, कुल्लू, शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. निचले और पर्वतीय क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई. सियोबाग में सबसे ज्यादा 113.2 मिमी बारिश हुई. भुंटर में 113.2 मिमी, बंजार में 112.4 मिमी, जोगिंद्रनगर में 112 मिमी, सलूणी में 109.3 मिमी, पालमपुर में 99 मिमी, चंबा में 97 मिमी, बैजनाथ में 75 मिमी, कांगड़ा में 74 मिमी, रोहड़ू में 70 मिमी, कुफरी में 59 मिमी और शिमला में 54.5 मिमी बारिश हुई.

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