ब्रेकिंग: ‘सवा करोड़ रुपये’ की कृत्रिम बारिश चोरी! क्लाउड सीडिंग विफल होने पर कांग्रेस नेता ने थाने में दर्ज कराई अनोखी शिकायत

R. S. Mehta
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देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) करवाने का फैसला लिया था. सरकार ने क्लाउड सीडिंग का ट्रायल पूरा होने का बाद दावा किया था कि 15 मिनट से 4 घंटों के बीच कभी भी बारिश हो सकती है. लेकिन अभी तक दिल्ली में बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी. इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीख हमला बोला.

इस मामले में दिल्ली युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकरा ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है और करोड़ों रुपये की बारिश चोरी होने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि करोड़ों रुपयें फूंककर बीजेपी नेताओं ने केवल वाहवाही लूटी है.

बीजेपी ने करोड़ो रूपये की बारिश की चोरी

दिल्ली युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकरा ने शिकायत दर्ज करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में करोड़ों रुपये की बारिश चोरी हो गई है. लाकरा ने कहा कि आखिरी बार ये कृत्रिम बारिश दिल्ली सरकार के मंत्रियों के वादों और TV पर देखी गई थी. उन्होंने कहा कि इस कृत्रिम बारिश में करोड़ों रुपये फूंके गए, कई प्लेन उड़ाए गए, लेकिन बारिश होने के पहले ही बीजेपी नेता वाहवाही लूट ले गए. इसके बाद न तो बादल बरसे और न ही भाजपाई दिखे.

यहां देखें वीडियो:

परीक्षण के दौरान लाखों रुपये होते हैं खर्च

दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्लाउड सीडिंग के परीक्षण की सफलता की जानकारी शेयर की थी. उन्होंने बताया कि यह क्लाउड सीडिंग सेसना प्ले के जरिए हुई थी. दिल्ली के कई इलाकों में क्लाउड सीडिंग कराई गई, जिसमें खेकड़ा, बुराड़ी, मयूर बिहार समेत कई इलाके शामिल थे. सिरसा ने खर्च के बारे में बताते हुए कहा था कि एक परीक्षण में 20 से 25 लाख रुपये का खर्च होता है और ऐसे 10 परीक्षणों के बाद ही सरकार को पता चल पाएगा कि बारिश कितनी मात्रा में हो सकती है.

बता दें कि क्लाउड सीडिंग एक प्रकार की आर्टिफिशियल बारिश होती है, जो सीमित समय के लिए कराई जाती है. क्लाउड़ सीडिंग को कराने में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होते हैं. इसमें एयरक्राफ्ट की मदद से बादलों में कुछ केमिकल डाले जाते हैं. इन्हीं केमिकल की बूंदों से बारिश होती है. दिल्ली में ये क्लाउड सीडिंग प्रदूषण को कम करने के लिए की जा रही है.

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