MP में मौसम ने ली करवट: बेमौसम बारिश से 22 जिलों में गिरा पारा, नवंबर से पहले ही लोगों ने महसूस की कड़ाके की ठंड

R. S. Mehta
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पूर्वी मध्य प्रदेश में एक मजबूत मौसमी प्रणाली विकसित हुई है, जिसके कारण 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. अरब सागर पर एक डिप्रेशन, बंगाल की खाड़ी पर एक डिप्रेशन और चक्रवात मोंथा कुल मिलकर राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप, गुरुवार को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई. भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाएं चलीं, जिससे दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई.

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, गवालियर, चंबल संभालों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हुई है. वहीं, नमदापुरम, रीवा, जबलपुर संभागों के जिलों में भी बारिश हुई है. शेष सभी संभागों का मौसम शुष्क रहा है.

पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान उज्जैन संभाग के जिलों में 02.9⁰C तक गिरे हैं. ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में 03.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़े एवं शेष सभी संभागों के जिलों के तापमान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.

मौसम विभाग के अनुसार शिवपुरी में 15.0 डिग्री C, खंडवा में 17.0 डिग्री सी, राजगढ़ में 17.2 डिग्री सी, खरगौन में 17.4 डिग्री और नौगांव (छतरपुर) में 19.0 सेल्सियस तापमान रहा.

12 पूर्वी और दक्षिणी जिलों में बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि गुरुवार को यह मौसमी प्रणाली सक्रिय रही. खासकर पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में मौसम की सक्रियता की वजह से 12 जिलों सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में बारिश हुई.

खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश, गरज के साथ छींटे और तेज हवाएं चलीं. भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी सामान्य से तेज गति से हवाएं चलीं, जिससे दिन के तापमान में कमी आई.

2 नवंबर तक जारी रहेगी बारिश

हालांकि मानसून आधिकारिक तौर पर मध्य प्रदेश से विदा हो चुका है, लेकिन इन मानसून-पश्चात प्रणालियों के कारण बारिश जारी है. आईएमडी के पूर्वानुमानों के अनुसार, 2 नवंबर तक बारिश जारी रहेगी और 30 अक्टूबर सबसे सक्रिय दिन होने की उम्मीद है.

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि नवंबर से ठंड बढ़ेगी, जो जनवरी तक रहेगी और संभवतः इस साल फरवरी तक जारी रहेगी. आगामी सर्दी 2010 के बाद से सबसे कठोर सर्दियों में से एक हो सकती है, जिसमें पूरे राज्य में सामान्य से कम तापमान और औसत से अधिक बारिश होने की उम्मीद है.

दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश से पूरी तरह विदा हो गया है. इस वर्ष, यह 3 महीने 28 दिनों तक सक्रिय रहा – 16 जून को राज्य में प्रवेश किया और 13 अक्टूबर को वापस चला गया.

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