बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और चिन्मय दास की गिरफ्तारी के खिलाफ सीमा पर प्रदर्शन, लोगों में दिखा आक्रोश

R. S. Mehta
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बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित हमले और इस्कॉन भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन जारी है. इस बीच पश्चिम बंगाल से सटे बांग्लादेश सीमा पर भारतीय हिंदुओं द्वारा विशाल विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. ये लोग अपने हाथों में तीरंगा और भगवा ध्वज लेकर आए हैं. और बांग्लादेश से हिंदुओं की हत्या बंद करने की मांग कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल भर से हजारों भिक्षु सोमवार को उत्तर 24 परगना में पेट्रापोल सीमा पर प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं. वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों और पड़ोसी देश में गिरफ्तार हिंदू नेता चिन्मय दास की रिहाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन में नारे लग रहे हैं कि, ’10 मिनट के लिए बांग्लादेश को भारतीयों के हाथ में छोड़ दो, हम दिखाएंगे कि हिंदुओं की रक्षा कैसे की जाती है.’

‘बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या बंद होनी चाहिए’

बांग्लादेश में शेख हसीना के बाद अंतरिम सरकार के गठन के बाद से यहां हिंदुओं पर हिंसक हमले बढ़ गए हैं. माहौल और बिगड़ गया जब से इस्कॉन भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी हुई है. दास को 25 नवंबर को कथित राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया. जबकि उनपर ये आरोप 30 अक्टूबर को दर्ज किया गया था. साथ ही गुरुवार को इस्कॉन के दर्जनों सदस्यों का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया.

बांग्लादेश में लगातार इस्कॉन और हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर अब भारत में आंदोलन शुरू हो गया है. पश्चिम बंगाल से सटे पेट्रापोल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हजारों हिंदुओं की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं. लोगों को नारे लगाते हुए बांग्लादेश से हिंदुओं की हत्या बंद करने की मांग करते देखे गए. टीवी9 से लोगों का कहना है कि हम भाजपा के कारण नहीं, बल्कि इसलिए इकट्ठा हुए हैं क्योंकि हम हिंदू हैं और हमारे भाई-बहनों पर बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है.

बीजेपी ने आंदोलन को बताया गैर राजनीतिक

वहीं, पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेताओं ने भी सोमवार को पेट्रापोल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आंदोलन की घोषणा की है. आंदोलन का नेतृत्व बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदू अधिकारी कर रहे हैं. हालांकि, बीजेपी का कहना है कि ये आंदोलन गैर राजनीतिक है. कांग्रेस, टीएमसी और अन्य दल भी आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं. पश्चिम बंगाल भर से 1 हजार से अधिक भिक्षु अभी सीमा पर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं.

अखिल भारतीय संत समिति की बंगाल शाखा भी इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रही है. समिति के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद ने रविवार को कहा था कि जब तक बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और मंदिरों पर हमले रोकने के लिए कार्रवाई नहीं करती, तब तक पेट्रापोल में हमारा आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि इस्कॉन भिक्षु को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि मोहम्मद यूनुस इन हमलों के बाद हिंदू विद्रोह से डरे हुए हैं.

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