डॉक्टर नहीं अब तांत्रिक करेंगे इलाज! ICU में भर्ती था मरीज, परिजनों ने कराई झाड़-फूंक

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

गुजरात के अहमदाबाद से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है. यह वीडियो अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में आईसीयू का है. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि आईसीआई के अंदर कोई डॉक्टर नहीं, बल्कि एक तांत्रिक मरीज का इलाज और झाड़फूंक कर रहा है. इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. बड़ा सवाल तो यह है कि अस्पताल के आईसीयू में जहां परिजनों को भी जाने की अनुमति नहीं है, वहां किसी तांत्रिक को बुलाकर कैसे तांत्रिक अनुष्ठान किया गया?

इसी के साथ दूसरा सवाल यह है कि अस्पताल में जगह जगह फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी नहीं करने के बोर्ड लगे हैं, बावजूद इसके इस तांत्रिक अनुष्ठान का वीडियो किसने और कैसे बना लिया. यह सभी सवाल अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए जा रहे हैं. इसी के साथ अस्पताल की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है. बता दें कि गुजरात में अंध विश्वास के खिलाफ कानून के बावजूद इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

इलाज से ठीक नहीं हुआ तो बुलाया तांत्रिक

साल 2018 में भी एक अस्पताल के आईसीयू में तांत्रिक अनुष्ठान कराया गया था. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था. उस मामले में अस्पताल के स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई हुई थी. ताजा मामले में बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति काफी समय से बीमार चल रहा था. हालत खराब होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया. बावजूद इसके, हालात में कोई सुधार नहीं हुआ तो मरीज के परिजनों ने एक तांत्रिक बुलाया और आईसीयू में ले जाकर आधे घंटे से अधिक समय तक वहां तांत्रिक अनुष्ठान कराया. अनुष्ठान का एक वीडियो सामने आया है.

अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

इसमें तांत्रिक मरीज के माथे पर कुछ झाड़फूंक करता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि इस तांत्रिक अनुष्ठान को खुद डॉक्टर ने ही अनुमति दी थी और वहां तैनात स्टॉफ ने इसमें सहयोग किया था. इसी प्रकार अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड पर भी आरोप है कि वह सबकुछ जानते हुए भी तांत्रिक को झांड़फूंक के सामान के साथ अस्पताल के अंदर जाने दिया. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पिछले महीने 18 नवंबर को बनाया गया था. हालांकि अब मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

Share This Article