51 करोड़ रुपये लागत, 176 लग्जरी कॉटेज; प्रयागराज महाकुंभ में डोम सिटी हिल स्टेशन जैसा देगी अहसास

R. S. Mehta
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प्रयागराज महाकुंभ में इस बार कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जहां परंपराओं के साथ-साथ भव्य और आधुनिक सुविधाओं को भी जगह दी जा रही है. इन सुविधाओं में एक विशेष आकर्षण डोम सिटी है, जो झूंसी क्षेत्र में बनाई जा रही है. इस सिटी का निर्माण पर्यटन विभाग के सहयोग से ईवो लाइफ स्पेस प्रा. लि. की ओर से किया जा रहा है, और यह देश की पहली डोम सिटी होगी.

महाकुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक भव्य और आधुनिक शहर तैयार हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा. डोम सिटी का निर्माण त्रिवेणी की रेत पर किया जा रहा है, और इसको लेकर पर्यटन विभाग ने सवा तीन हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करवाई है. ईवो लाइफ स्पेस के निदेशक अमित जौहरी का कहना है कि यह डोम सिटी कुम्भ क्षेत्र में एक अद्भुत परियोजना के रूप में तैयार हो रही है, जिसमें आधुनिकता और परंपरा का शानदार संगम देखने को मिलेगा.

महाकुंभ का 360 डिग्री व्यू

डोम सिटी की सबसे खास बात यह है कि यहां से महाकुंभ का 360 डिग्री व्यू मिलेगा, जिससे पर्यटकों को कुम्भ के दृश्य का अवलोकन हिल स्टेशन जैसी जगह से करने का अहसास होगा. इस सिटी का निर्माण 51 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. डोम सिटी को 15 से 18 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है और इसमें बुलेट प्रूफ और फायर प्रूफ पॉली कार्बन शीट का इस्तेमाल किया गया है. पर्यटक यहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ 24 घंटे रह सकते हैं और महाकुंभ का नजारा ले सकते हैं.

लग्जरी कॉटेज का अनुभव

डोम सिटी में 176 लग्जरी कॉटेज भी बनाए जा रहे हैं, जहां ठहरने की सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. हर कॉटेज में एसी, गीजर और सात्विक आहार की व्यवस्था की जाएगी. स्नान पर्व के दिन कॉटेज का किराया 81 हजार रुपये होगा, जबकि सामान्य दिनों में इसका किराया 41 हजार रुपये होगा. इसी तरह, डोम का किराया स्नान पर्व के दिन 1 लाख 10 हजार रुपये और सामान्य दिनों में 81 हजार रुपये रखा गया है. डोम की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू हो चुकी है.

इस पूरी डोम सिटी का वातावरण आध्यात्मिक बनाने के लिए यहां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की व्यवस्था भी की जाएगी. इस परियोजना से महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यह एक कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा.

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