विनायक चतुर्थी व्रत का इस विधि से करें पारण, जानें शुभ मुहूर्त और नियम

R. S. Mehta
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विनायक चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान गणेश को समर्पित है. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है और माना जाता है कि उनकी पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं. इस दिन व्रत रखकर और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करके भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है और कार्य में सफलता मिलती है. भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के देवता हैं. उनकी पूजा करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है और भगवान गणेश की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. विनायक चतुर्थी को नई शुरुआत करने का शुभ दिन माना जाता है. विनायक चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है. इस व्रत में भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करते हैं.

पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 03 जनवरी को देर रात 01 बजकर 08 मिनट पर शुरू हुई थी. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 03 जनवरी को रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा. पंचांग को देखते हुए 03 जनवरी को विनायक चतुर्थी मनाई जा रही है. इसका पारण अगले दिन 4 जनवरी को सूर्योदय के बाद किया जाएगा. किसी व्रत का पारण उपवास रखने के अगले दिन किया जाता है.

विनायक चतुर्थी व्रत पारण की विधि

  • विनायक चतुर्थी व्रत के पारण से पहले शुद्ध जल से स्नान करें.
  • गणेश जी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं और धूप बतिये दिखाएं.
  • गणेश जी की आरती करें और मोदक, लड्डू या अन्य मिठाई का भोग लगाएं.
  • हाथ में जल लेकर पारण का संकल्प लें और यदि संभव हो तो चंद्रमा को अर्घ्य दें.
  • पारण के समय सात्विक भोजन करें.
  • पारण के समय फल, दूध, दही, पनीर आदि का सेवन कर सकते हैं.
  • पारण के समय भोजन में नमक और मिर्च का प्रयोग कम से कम करें.
  • पारण के समय मन में किसी भी प्रकार का द्वेष या ईर्ष्या न रखें.
  • पारण के समय शांत वातावरण में बैठकर भोजन करें और पारण के बाद ब्राह्मण को दान दें.

पारण के समय इन मंत्रों का करें जाप

  • वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
  • त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।।

पारण का महत्व

विनायक चतुर्थी व्रत का पारण करने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है. सही समय पर पारण करने से शरीर और मन को शक्ति मिलती है और भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं. विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. यदि आप विनायक चतुर्थी का व्रत रख रहे हैं तो पारण के समय उपरोक्त बताई गई विधि का पालन करें. इससे आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी.

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