पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध अपराध नहीं… ग्वालियर की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

ग्वालियर की विशेष अदालत ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति द्वारा पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है. कोर्ट ने पवन मौर्य नामक आरोपी को आरोप मुक्त किया है. कोर्ट ने आरोपी को क्लीनचिट देते हुए उसे निर्दोष करार दिया. यह निर्णय विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार ने सुनाया. हालांकि कोर्ट ने आरोपी के ऊपर अन्य मामलों में फिलहाल फैसला नहीं सुनाया है.

एडवोकेट ने बताया कि आरोपी पवन की शादी 2020 में हुई थी. शादी के कुछ समय बाद पवन और उनकी पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ. लंबे वक्त तक विवाद बने रहने के बाद पत्नी ने 25 फरवरी 2024 को महिला थाना पड़ाव में पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायत में पत्नी ने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता है. इतना ही नहीं आए दिन उसके साथ मारपीट करता है और दहेज की मांग करता है.

पत्नी के आरोपों पर किया विचार

मामले की सुनवाई में स्पेशल कोर्ट ने पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विचार किया. आरोपी पवन के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने, दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और मारपीट जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और तर्कों को ध्यान में रखते हुए पवन मौर्य को अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोप से आरोप से मुक्त कर दिया. कोर्ट ने इस दौरान हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया.

अन्य मामलों पर सुनवाई जारी रहेगी

कोर्ट ने अपने आदेश में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का हवाला दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की है कि पत्नी के साथ पति द्वारा किया गया अप्राकृतिक यौन संबंध बलात्कार नहीं है. इसे अपराध नहीं माना जा सकता. हालांकि कोर्ट ने कहा है कि पत्नी के लगाए गए अन्य आरोपों में तहत मुकदमा जारी रहेगा. यह फैसला मध्य प्रदेश में कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है. इसे लेकर कई कानूनी विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है.

Share This Article