मकर संक्रांति के बाद अब कब होगा अगला अमृत स्नान? जानें शुभ मुहूर्त और तिथि

R. S. Mehta
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महाकुंभ में मकर संक्रांति के दिन पहला अमृत स्न्नान विधिपूर्वक हो चुका. इसके बाद अब महाकुंभ में दूसरा अमृत स्नान किया जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमृत स्नान को बड़ा ही महत्वपूर्ण और पुण्यकारी माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान किस दिन किया जाएगा, और उसका शुभ मुहूर्त कब है?

महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान

दरअसल, महाकुंभ में सबसे बड़ा अमृत स्नान माना जाता है मौनी अमावस्या का. ये महाकुंभ का दूसराअमृत स्नान है. मौनी अमावस्या का अमृत स्नान 29 जनवरी को किया जाएगा. महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान का महत्व कई गुना और भी बढ़ जाता है. क्योंकि इस दिन स्नान और दान का पुण्य इंसान जीवन भर प्राप्त करता है. साथ ही मौनी अमावस्या का अमृत स्नान इंसान की आत्मा को शुद्ध कर देता है.

मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त

महाकुंभ में दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा. मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा शाही स्नान होता है. ये शाही स्नान 29 जनवरी को किया जाएगा. मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन स्नान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा. सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर ये मुहूर्त समाप्त हो जाएगा.

महाकुंभ में अमृत स्नान का महत्व

महाकुंभ के दौरान जो अमृत स्नान किए जाते हैं, वो विशेष तिथियों में किए जाते हैं. ये विशेष तिथियां ग्रहों की चाल और विशेष स्थिति के आधार पर तय की जाती हैं. महाकुंभ के दौरान जो भी अमृत स्नान करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. उसे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. मान्यता के अनुसार, महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

महाकुंभ की पौराणिक कथा

महाकुंभ के मेले की कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है. मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय अमृत निकला. इस अमृत के लिए देवाओं और असुरों के बीच युद्ध हुआ. ये युद्ध 12 दिनों तक चला. इस दौरान धरती की चार जगहों पर अमृत की बूंदें गिरी. ये जगह प्रयाराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के नाम जानी जाती हैं. इन्हीं स्थानों पर महाकुंभ और कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है. महाकुंभ सिर्फ एक मेला नहीं बल्कि एकता के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. मान्यता है कि जो भी महाकुंभ में तीन दिनों तक स्नान करता है उसे हजार अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है.

महाकुंभ 2025 शाही स्नान तिथियां (Mahakumbh 2025 Shahi Snan Dates)

  • पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025 के दिन पहला शाही स्नान होगा.
  • मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 के दिन दूसरा अमृत स्नान होगा.
  • मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 के दिन तीसरा अमृत स्नान होगा.
  • बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025 के दिन चौथा अमृत स्नान होगा.
  • माघ पूर्णिमा 12 फरवरी 2025 के दिन पांचवा शाही स्नान होगा.
  • महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 के दिन आखिरी शाही स्नान होगा.
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