शीशमहल को लेकर कथनी-करनी में फर्क पर क्या बोलीं आतिशी? ED-CBI पर कह दी ये बात

R. S. Mehta
4 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

शीशमहल को लेकर कथनी- करनी में फर्क के सवाल पर सीएम आतिशी ने कहा कि मैं तो कह रही हूं कि शीशमहल के अंदर मीडिया को लेकर चलिए फिर पीएम आवास पर भी चलिए, मेरे पास फोटो हैं वहां करोड़ों रुपये के झूमर हैं, जिनमें हीरे जवाहरात लगे हैं, 300 करोड़ की कालीन है जो सोने के धागों से सिली है, जिस कुर्सी पर पीएम बैठते हैं वो डेढ़ सौ करोड़ की है.

शीशमहल को लेकर लगाए जा रहे भाजपा के आरोप में सीएम आतिशी ने कहा कि पीएम का राजमहल बना है क्या वो ठीक है? हम तो चैलेंज कर रहे हैं एक तरफ दिल्ली का मुख्यमंत्री आवास है और एक पीएम आवास है, लेकर जाइए मीडिया, सबको पता चल जाएगा कि कौन कहां पर कैसे रहता है.

मनी लॉन्ड्रिंग केस के सबूत दिखाएं

होम मिनिस्ट्री द्वारा अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलाने की अनुमति देने पर सीएम आतिशी ने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी के नेताओं पर हजारों केस चला ले, लेकिन मैं ये दावे के साथ कह सकती हूं कि पार्टी के नेताओं ने न कोई भ्रष्टाचार किया है और न ही भ्रष्टाचार करेंगे. ये चला लें मुकदमें. उन्होंने कहा कि अब तक 180 से ज्यादा केस हमारी पार्टी के नेताओं पर किए गए हैं, इन्होंने एक कमेटी बनाई थी जो हमारी फाइलें चेक करती थी, लेकिन इन्हें आम आदमी पार्टी के बारे में कुछ नहीं मिला. अगर मिला है तो सबूत दिखाएं.

ED-CBI को कुछ नहीं मिला

सीएम आतिशी ने बताया कि दिल्ली में पिछले डेढ़ साल में जो हुआ है, गैर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार चलाना और पावर को मिसयूज करना, इसका इससे बड़ा उदाहरण नहीं मिलेगा. हम सीबीआई, ईडी के इतने केसेस देखते आए हैं, जब ये एजेंसी किसी के घर छापा मारती थी तो कैश के ढेर मिलते थे, ये कैश की रंगोली बनाते थे, सोने के बिस्कुल, शैल कंपनी के कागज मिलते थे, सोने चांदी जवाहरात मिलते थे, आम आदमी पार्टी के एक भी नेता के पास एक भी चवन्नी नहीं मिली. आपने उनके घर, गांव, बैंक, लॉकर में रेड कर ली, कुछ नहीं मिला, फिर भी आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया. ये कहते हैं कि सारा पैसा गोवा इलेक्शन में खर्च हो गया, लेकिन इसका सबूत तो दिखाएं.

एजेंसीज को शर्म आनी चाहिए

सीएम आतिशी ने कहा कि ED- CBI इतनी प्रीमियम जांच एजेंसियां हैं, सिर्फ कहने से तो कुछ नहीं होता, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें पिंजरे का तोता कहा था, जब केजरीवाल जी को बेल मिली तब फिर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि ये एजेंसीज पिंजरे में बंद तोते की तरह हैं, अगर सुप्रीम कोर्ट ऐसी टिप्पणी करता है, तो एजेंसीज को शर्म नहीं आनी चाहिए. असलियत ये है कि ये ट्रायल शुरू करने लायक सबूत अब तक इकट्ठे नहीं कर पाए हैं.

भाजपा की वॉशिंग मशीन में सब धुल जाता है

आतिशी ने कहा कि भाजपा ने तो हिमंत बिस्वा सरमा पर भी आरोप लगाए थे, पूरे असम में आरोप के बुकलेट बांटती थी, पश्चिम बंगाल के कई चुनाव सुवेंदु अधिकारी के घोटाले के नाम पर लड़ लिए. दूसरे पार्टियों में होते हुए ये भ्रष्टाचारी होते हैं, और भाजपा में आते ही उसकी वाशिंग मशीन में धुलकर सीएम और सांसद हो जाते हैं. पीएम मोदी ने एक रैली में एनसीपी नेता के लिए कहा था कि ये नेता चक्की पीसेंगे, अब भाजपा के साथ हैं तो साफ हैं.

Share This Article