वन भूमि पर अवैध बोरिंग रोकने गए डिप्टी रेंजर ,फॉरेस्ट गार्ड पर हमला महिलाओं ने किया पथराव

R. S. Mehta
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रायसेन। वन परिक्षेत्र पश्चमी रायसेन की वन चौकी खरबई के तहत ग्राम सतकुंडा में वन भूमि पर अवैध बोरिंग कर रहे अमन शर्मा नामक व्यक्ति को बोरिंग करने से रोका गया तो उसकी पत्नी सहित दो दर्जन से अधिक बंजारा समाज की महिलाओं और पुरुषों ने डिप्टी रेंजर सर्जन मीणा और नाकेदार पर पत्थरों रॉड से हमला कर दिया। जिससे उन्हें गंभीर चोटे आई हैं। सतकुंडा में बोरिंग के मामले में घायल वनकर्मी प्रकरण दर्ज कराने खरबई पुलिस चौकी पहुंचे। लेकिन उन जख्मी वनकर्मियों को पुलिस ने 3 घण्टे इंतजार कराया। जब कुछ रायसेन से मीडियाकर्मियों की टीम खरबई पुलिस चौकी पहुंची। तब कहीं जाकर  पुलिस ने वनकर्मी को मेडिकल कराने के लिए भेजा अस्पताल कार्रवाई जारी है।

चौकी प्रभारी नागेद्र सिंह परिहार ने केस दर्ज कर दिया है। चौकी प्रभारी परिहार ने बताया कि-रायसेन के खरबई के पास के ग्राम सतकुण्डा में वन भूमि में अवैध रूप से हो रहे बोर को रोकने गई वन विभाग की टीम पर  वन माफिया अमन शर्मा उसकी पत्नी के इशारे पर स्थानीय महिलाओं और पुरुषों सहित वन माफियाओं द्वारा हमला किया गया है। वन कर्मियों का कहना है कि अमन शर्मा नामक व्यक्ति ने करीब आधा बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। करीब डेढ़ महीने पहले खरबई चौकी के डिप्टी रेंजर सरजन सिंह मीणा सहित स्टाफ ने उक्त स्थान से ट्रैक्टर जब्त किए थे। कार्रवाई की गई थी पर अतिक्रमणकारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि शनिवार को दोपहर बाद वन अमले पर रॉड पथराव से हमला कर दिया।

गुस्साए वन कर्मियों ने खरबई पुलिस चौकी पर धरना दे दिया। वन विभाग के लोग महिलाओं और आरोपी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इससे पहले जानकारी मिलते ही खरबई पुलिस चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह परिहार पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और जांच पड़ताल करते नजर आये। वहीं इस मामले में वन विभाग के एसडीओ सुधीर पटले का कहना है कि यह गंभीर मामला है। हम कार्रवाई कर रहे हैं। हमने मौके पर पहुंचकर जांच की है और आरोपी अमन शर्मा के खिलाफ विधि संवत कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के एसडीओ सुधीर ने बताया कि वन भूमि पर बोरिंग की जा रही थी। जिसे रोक दिया गया है। भू माफिया अमन शर्मा वन भूमि को अपना मालिकाना हक अधिकार बता रहे हैं।

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