10 लाख थाली और 22 लाख थैले…महाकुंभ को स्वच्छ बनाने के लिए अनोखा अभियान

R. S. Mehta
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा. हर रोज महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आस्था की डूबकी लगा रहे हैं. इसी बीच RSS की ओर से महाकुंभ में “एक थाली एक थैला” अभियान चलाया जा है. ये अभियान महाकुंभ में फैलने वाली गंदगी से बचने के लिए चलाया गया है. नदियों को मैली होने से रोकने को लेकर ये पहल शुरू की गई.

महाकुंभ में एक तरफ जहां करोड़ों की संख्या में लोग आस्था की डुबकियां लगाकर पुण्य के भागी बन रहे हैं, तो वहीं मां गंगा और यमुना रूपी बाकी नदियों को मैली होने से रोकने के लिए आरएसएस सेवकों ने कमर कस ली है. कुंभ के बाद फैलने वाले कचरे से बचने के लिए “एक थैला एक थाली” अभियान को जमीन पर उतारने की कवायद शुरू की गई है.

“एक थाली एक थैला अभियान”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने महाकुंभ आयोजन के बीच बड़े पैमाने पर नदियों में फैलने वाली गंदगी को लेकर चिंता जाहिर की है. मां गंगा, यमुना समेत अन्य नदियों में फैलने वाले गंदगी को रोकने के लिए सोनभद्र में काशी प्रांत पर्यावरण संयोजक कृष्ण मोहन पहुंचे. RSS से जुड़े सेवकों ने लोगों से दस हजार थैला और थाली इकट्ठा किए. कृष्ण मोहन ने बताया कि महाकुंभ को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए सोनभद्र समेत देश भर के लाखों स्वयंसेवक और नारी शक्ति प्रयागराज में “एक थैला एक थाली अभियान” चला रहे हैं.

10 हजार थाली-थैला भेजे जा रहे

प्रयागराज में इस समय 10 लाख थाली और 22 लाख थैले पहुंच चुके हैं. प्रयागराज में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं से कुंभ में 40 से 50 हजार टन प्लास्टिक और थर्माकोल कचरा निकलने का अनुमान है, जो गंगा और यमुना के लिए हानिकारक है. इसी कचरे को कम करने के लिए “थाली और थैला अभियान” RSS के कार्यकर्ताओं की ओर चलाया जा रहा है. इसके चलते सोनभद्र से 10 हजार थाली और थैला प्रयागराज भेजे जा रहे हैं.

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