मुंबई पुलिस की रडार पर सैफ अली खान के चार नौकर, अब तक क्यों नहीं दी क्लीन चिट?

R. S. Mehta
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एक्टर सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में हर दिन नया अपडेट आ रहा है. अब खबर आ रही है कि मुंबई पुलिस को सैफ अली खान के स्टाफ उनके घर में रह रहे 4 पुरुष कर्मियों की भूमिका पर शक है. इनमें से क्या कोई इनसाइडर इन्फॉर्मर है इसकी जांच मुम्बई पुलिस कर रही है. इन चारों का बयान भी लिया गया है. जांच में इन चारों को सहयोग देने और मुम्बई न छोड़ने को कहा गया है.

पुलिस के सामने सवाल खड़ा है कि एक अनजान शक्स जो विदेशी नागरिक भी है उसे सतगुरु शरण बिल्डिंग के बाहर से रेकी करने से कैसे पता चल गया कि अंदर बिल्डिंग के सीढ़िया कहां हैं और डेक कहां है. डेक से विंडो तक के रास्ते के बारे में उसे कैसे पता चला और डेक के रास्ते विंडो से अंदर कमरे तक पहुंचा जा सकता है, ये बात उसे कैसे पता लगी?

पुलिस के सामने कई सवाल

इसके अलावा पुलिस ये भी जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी को11वीं मंजिल पर जहांगीर (सैफ-करीना के छोटे बेटे) के कमरे की लोकेशन और उन्हें ही बंधक बनाकर 1 करोड़ की रकम लेने का प्लान करना है, ये बात कैसे पता लगी? इसलिए पुलिस हर किसी पर शक कर रही है जिसमें हमले के वक्त घर में मौजूद 4 पुरुष कर्मियों की भूमिका पर भी शक है.

रमेश, हरि, रामू और पासवान पर शक क्यों?

सैफ की मेड लिमा, जूनू और गीता ने हमलावर का सामना किया था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमरे के बाहर मौजूद किसी ने भी मदद क्यों नहीं की? रमेश, हरि, रामू और पासवान क्यों तमाशबीन बने रहे? पुलिस का सवाल है कि क्या वो इतनी नींद में थे कि घर में हो रहा शोर भी नहीं सुन पाए या वो डरकर छिप गए थे? रमेश, हरि, रामू और पासवान अपने मालिक सैफ पर हुए हमले के दौरान घर पर 11वीं मंजिल पर ही थे, फिर भी वो उनको बचाने क्यों नहीं आए? यहां तक की जेह की नैनी लिमा ने भी पुलिस को बयान में ये बात बताई थी कि जब वो जेह को लेकर कमरे से बाहर भागीं और कमरा लॉक किया तो ये चारों बाहर ही थे.

पुलिस को दे रहे हैं गोलमोल जवाब

इस बयान के बाद जांच कर रही पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि लिमा ने हमलावर को तकरीबन 2 बजे पहली बार देखा, जबकि सीसीटीवी के मुताबिक हमलावर 02:35 को भाग चुका था. ऐसे में जब तकरीबन 02:10 के आस पास जुनू चीखी चिल्लाई और उसके शोर से 12वीं मंजिल से सैफ और करीना भी नीचे आ गए. अगले 10-15 मिनट तक सैफ की हमलावर से हाथापाई हुई और घर में हंगामा चल रहा था तब भी रमेश, हरि, रामू और पासवान बगल के कमरे में ही थे, तो उनकी नींद क्यों नहीं टूटी? और अगर टूटी भी तो लिमा, जुनू और गीता की तरह ये चारों स्टाफ मदद के लिए आगे क्यों नहीं आए? ये चारों उस समय कहां थे, क्या कर रहे थे? ये वो सारे सवाल हैं जिसे जब पुलिस ने पूछताछ के दौरान इनसे पूछा. कहा जा रहा है कि पुलिस के सवाल पर इन चारों ने गोलमोल जवाब दिए जिसके बाद पुलिस का शक गहरा गया है.

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