मुंह में राम, बगल में छुरी…एक तरफ ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका बुलाया, दूसरी तरफ भारत को चीन की लाइन में लगाया

R. S. Mehta
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सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोन पर बात हुई. इस बातचीत को लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट भी किया है. ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया है, पीएम मोदी फरवरी में अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं.

जहां फोन कॉल पर ट्रंप ने पीएम मोदी से भारत के साथ निष्पक्ष व्यापार की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाएगा जो अमेरिका को ‘नुकसान’ पहुंचाते हैं. इन देशों की सूची में ट्रंप ने चीन और ब्राजील के साथ-साथ भारत का नाम भी शामिल किया है. एक तरफ जहां ट्रंप भारत के साथ रिश्ते मजबूत करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरे तरफ वह भारतीय समान पर उच्च टैरिफ लगा रहे हैं. ट्रंप के इस कदम को ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ की तरह देखा जा रहा है.

अमेरिका को रखा जाएगा फर्स्ट

ट्रंप ने सोमवार को फ्लोरिडा में एक रिट्रीट में हाउस रिपब्लिकन को बताया, हम उन बाहरी देशों और बाहरी लोगों पर टैरिफ लगाने जा रहे हैं जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और अपने देश को अच्छा बनाना चाहते हैं. ट्रंप ने पिछले हफ्ते दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला रिट्रीट था.

ट्रंप ने कहा कि चीन एक जबरदस्त टैरिफ निर्माता है, भारत, ब्राजील और कई अन्य देश भी ऐसे ही हैं. इसलिए हम ऐसा अब और नहीं होने देंगे क्योंकि हम अमेरिका को पहले रखने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका एक निष्पक्ष प्रणाली बनाएगा, जहां पैसा हमारे खजाने में आएगा और अमेरिका फिर से बहुत समृद्ध हो जाएगा.

ट्रंप के आने से क्या भारत को होगा नुकसान?

ट्रंप की जीत के बाद भारतीय मीडिया ने इसको भारत के पक्ष में दिखाया था. ट्रंप और नरेंद्र मोदी के अच्छे संबंध माने जाते हैं. ट्रंप प्रशासन पहले ही 18 हजार भारतीय को अमेरिका से निकालने का आदेश दे चुका है और अब टैरिफ बढ़ा भारतीय समान के लिए अमेरिकी बजार में मुश्किल पैदा करने की तरफ बढ़ रहा है. अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका और भारत के बीच व्यापार बढ़ने की बजाए कम हो सकता है.

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