गुना जिले के पगारा स्थित धागा फैक्ट्री के एक हिस्से में मंगलवार सुबह आग लग गई। इससे मशीनें और सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलने पर गुना से दो फायर ब्रिगेड पहुंची। जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया। बता दें कि जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर पगारा गांव में दीपक स्पिनर्स नाम से फैक्ट्री है। यह धागा बनाया जाता है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे फैक्ट्री के एक हिस्से में आग लग गई। आग ने वहां रखे सामान को चपेट में ले लिया। वहां काम कर रह कर्मचारियों ने फैक्ट्री के मैनेजर और फैक्ट्री मालिक को सूचना दी। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। नगरपालिका से दो फायर ब्रिगेड मौके पर रवाना की गईं। SDM शिवानी पांडे और ग्रामीण तहसीलदार कमल मंडेलिया सहित नपा की टीम भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड को अंदर भेजने के लिए एक दीवार का कुछ हिस्सा भी तोड़ा गया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद दो फायर ब्रिगेड से आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। गनीमत रही कि आग पर जल्दी काबू पा लिया गया और आग फैक्ट्री के बाकी हिस्से में नहीं फैली। दूसरे हिस्से में काफी धागा रखा हुआ था। आग से उस क्षेत्र में रखी मशीनें और सामान जल गया। तहसीलदार ने बताया कि लगभग 11 बजे प्रशासन को सूचना मिली थी। जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया है।

R. S. Mehta
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श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में एक बार फिर चीतों की किलकारी सुनाई दी है। मादा चीता वीरा ने दो नन्हें शावकों को जन्म दिया है। खुशखबरी लगते ही कूनो नेशनल पार्क में खुशी की लहर दौड़ गई है। सीएम मोहन ने प्रदेशवासियों और कूनो से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं फील्ड स्टाफ को बधाई दी है।

सीएम मोहन ने एक्स पर जानकारी सांझा करते हुए लिखा- नन्हें चीतों की किलकारी से फिर गूंजा कूनो.. मध्यप्रदेश की ‘जंगल बुक’ में 2 चीता शावकों की दस्तक…मुझे यह जानकारी सांझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आज मादा चीता वीरा ने 2 नन्हें शावकों को जन्म दिया है, मध्यप्रदेश की धरती पर चीता शावकों का स्वागत है एवं प्रदेशवासियों को इन नन्हें शावकों के आगमन पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं।

प्रोजेक्ट से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं फील्ड स्टाफ को बधाई; जिनके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज मध्यप्रदेश को ‘चीतों की धरती’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है जिससे रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं। हम चीतों के साथ ही समस्त वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्स्थापन हेतु सदैव तत्पर हैं।

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