उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पूरे देश में गया अहम संदेश: सीएम पुष्कर सिंह धामी

R. S. Mehta
5 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के दौरान उत्तराखंड की ओर से कई ऐसी पहल की गई हैं जिनके माध्यम से पूरे देश में ठोस और प्रभावी संदेश जा रहे हैं. विशेष रूप से ग्रीन गेम्स की थीम को अमल में लाने के लिए कई अहम कार्य किए गए हैं. उत्तराखंड की पहल के साथ देशभर से आए खिलाड़ी और मेहमान जुड़ रहे, ये हर्ष का विषय है. महिला स्वास्थ्य, लोक संस्कृति, पर्यटन, रोमांच से जुडे़ अन्य संदेशों की अपनी अलग जगह है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड अपनी धरती पर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का साक्षी बन रहा है. खास बातें उत्तराखंड की उन सार्थक पहल से भी जुड़ी हैं, जिनके प्रभावी संदेश देश-दुनिया तक पहुंच रहे हैं. ग्रीन गेम्स की थीम को जमीन पर उतारने के लिए उत्तराखंड के प्रयास सबसे खास हैं, जिनकी तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं.

ग्रीन गेम्स थीम की हर जगह छाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में शुभंकर के चयन में भी उत्तराखंड की हरित पहल के दर्शन हो रहे हैं. हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले राज्य पक्षी मोनाल को शुभंकर बनाकर उत्तराखंड ने यह पहल की है. जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पदक ई-वेस्ट से तैयार कराए गए हैं. साथ ही, पदक जीतने वाले विजेताओं के नाम से खेल वन की स्थापना उत्तराखंड कर रहा है. इसके लिए 2.77 हेक्टेयर जमीन को इन दिनों तैयार किया जा रहा है, जहां पर 1600 रूद्राक्ष के पौधे रोपे जाएंगे.

सीएम धामी ने कहा कि खेलों से जुडे़ आमंत्रण पत्र वेस्ट मटेरियल से तैयार कराए गए, जबकि खेल स्थलों पर एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि प्रदूषण न होने पाए. सोलर पैनल के प्रयोग से लेकर पानी के लिए रीयूसबल वाॅटर बाॅटल की व्यवस्था से प्रभावी संदेश निकल रहे हैं.

स्पोर्ट्स वेस्ट भी है बहुत काम की चीज

राष्ट्रीय खेलों के दौरान ई-वेस्ट ही नहीं, बल्कि बेकार खेल सामग्रियों का भी बेहतर इस्तेमाल किया गया है. आयोजन स्थल पर कई जगहों पर स्पोर्ट्स वेस्ट मटेरियल से प्रतीक तैयार किए गए हैं. इनमें भागता हुआ खिलाड़ी और मोनाल पक्षी प्रमुख हैं. ई-वेस्ट से बनाए गए भारीभरकम टाइगर भी आकर्षण का केंद्र है.

साइकिल के इस्तेमाल से दो-दो संदेश

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन स्थलों पर साइकिल उपलब्ध कराकर एक नहीं दो-दो संदेश दिए गए हैं. पहला संदेश पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण का है, तो दूसरे संदेश में फिट रहने की बात है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन के मौके पर लोगों से फिटनेस पर ध्यान देने का आह्वान किया था.

महिला खिलाड़ियों को अलग वैलकम किट

राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाली महिला खिलाड़ियों को अलग वैलकम किट देकर भी उत्तराखंड ने अलग संदेश देने का प्रयास किया है. यह संदेश महिला स्वास्थ्य से जुड़ा है, जिसके अंतर्गत महिला खिलाड़ियों के वैलकम किट में सेनेटरी पैड व अन्य सामान उपलब्ध कराए गए हैं.

धर्म-अध्यात्म की भूमि में योग-मलखंब

देवभूमि उत्तराखंड में हो रहे राष्ट्रीय खेलों में योग व मलखंब जैसे पारंपरिक खेल भी मेडल टेली में शामिल हैं. इससे पहले, गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में ऐसा नहीं था. उत्तराखंड ने इन दो खेलों को राष्ट्रीय खेलों में शामिल कराने के लिए ठोस पैरवी की थी.

लोक संस्कृति, पर्यटन, पहाड़ सबके संदेश

उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों को बडे़ शहरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि टिहरी, अल्मोड़ा जैसे ठेठ पर्वतीय शहरों तक भी पहुंचा दिया. इसके अलावा, खाने से लेकर तमाम कलाकृतियों में लोक संस्कृति की झलक दिख रही है. खाने में झंगोरा, गहथ की दाल व अन्य व्यंजन परोसे जा रहे हैं, वहीं पर्वतीय कला एपण के दर्शन पोस्टर, बैनरों से लेकर तमाम जगहों पर हो रहे हैं.

Share This Article