बैडमिंटन खेलने के दौरान दवा व्यापारी को आया हार्ट अटैक, दवाई लेने से किया इनकार, दोस्‍तों ने मुंह में रखी तो थूक दी, मौत

R. S. Mehta
3 Min Read

Company: Swipe Agency
Editor in Chief: Mr. Rakesh Mehta
Address: 19, Padmalya Colony, Indore,
Madhya Pradesh, Pin: 452005, India
Mobile: +919926999065
Email: swipeadmedia@gmail.com

इंदौर। शहर में दिल से संबंधित बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को दवा व्यापारी को बैडमिंटन खेलने के दौरान हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई है। दिल में दर्द होने पर उन्हें साथियों ने सीपीआर ने सीपीआर भी दी, अस्पताल पहुंचे तो डाॅक्टरों ने मृत घोषित किया। यह घटना बुधवार सुबह अभय प्रशाल की है।

अचानक हो गए थे बेसुध

  • दवा व्यापारी अमित चेलावत (45) निवासी साउथ तुकोगंज रोजाना की तरह सराफा व्यापारी, डाॅक्टर, पुलिस अधिकारी आदि के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे।
  • दो दौर खेलने के बाद वह बैठे तो अचानक से उन्हें दिल में दर्द होने लगा और वह बेसुध हो गए। इसके बाद साथियों ने उन्हें सीपीआर दी तो वह उठकर बैठ गए।
  • उन्हें दवाई देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने थूक दी। कहा कि आठ बजे के पहले वह कुछ नहीं खा सकते। फिर भी जबरदस्ती दवाई मुंह में रखी, लेकिन उन्होंने नहीं खाई।
  • इसके बाद उन्हें दोबारा हार्ट अटैक आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि खुन पतला करने की दवाई खा लेते तो उनकी जान बच सकती थी। क्योंकि इससे उन्हें अस्पताल तक जाने का मौका मिल जाता।
  • बता दें कि स्वजन ने उनकी आंखें और त्वचा दान की। ताकि जरूरतमंद को इसका लाभ मिल सके। वहीं जैन धर्म की परंपरा नवकारसी के अनुसार सुबह आठ बजे के पहले कुछ खा नहीं सकते हैं।

    खेलते समय दिल को चाहिये अधिक खून

    • ह्रदय रोग विशेषज्ञ डा. मनीष पोरवाल ने बताया कि जब भी हम कोई व्यायाम या खेल खेलते हैं तो इस दौरान हार्ट को ब्लड अधिक लगता है। क्योंकि इसकी धकड़न बढ़ जाती है।
    • ऐसे में पुराने ब्लाकेज होते हैं, जो पहले से पता नहीं होते हैं। ब्लाकेज के कारण दो अवस्था होती है। पहली इलेक्ट्रिक गतिविधि असमान्य होना, इसके कारण हार्ट रूक जाता है।
    • दूसरा हार्ट की मांसपेशियों को ब्लड नहीं मिलता है तो अटैक आ जाता है। इस अवस्था में तुरंत सीपीआर की आवश्यकता होती है। इसमे देरी के कारण दो से तीन मिनिट में व्यक्ति की मौत हो सकती है।
    • जितनी शरीर की क्षमता होती है, उतनी देर ही हमें खेलना चाहिए। जो व्यक्ति कहता है कि रोजाना व्यायाम करता हूं तो स्वस्थ हूं। लेकिन उसे इसीजी, टीएमटी की जांच करवाना चाहिए।
    • भूखे पेट रहने के कारण ग्लुकोज का स्तर कम हो सकता है।
    • यदि भूखे पेट रहते हैं और व्यायाम करते हैं तो शुगर काफी कम हो जाती है। जिससे भी यह हो सकता है। इस मौसम में हार्ट अटैक के मामले 15 से प्रतिशत बढ़ गए है।
Share This Article