न गैंगरेप हुआ न किडनैपिंग… पति के दोस्तों को झूठा केस कर फंसा दिया; महिला ने क्यों रची ऐसी साजिश?

R. S. Mehta
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उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक 27 वर्षीय महिला को गिरफ्तार लिया. उसने अपने पति के दोस्तों के खिलाफ किडनैपिंग और गैंगरेप की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी. ग्रेटर नोएडा के दादरी की रहने वाली महिला ने दावा किया था कि 24 फरवरी को बाजार जाते समय वैभव और दीपक चौहान ने उसे कार में धकेला और चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट की.

इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई. पुलिस ने घटना के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक की तो महिला के लगाए आरोप झूठ निकले. घटना के समय एक आरोपी घर पर था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ एक शादी में शामिल होने गया था. महिला का पति विकास त्यागी भी इस समय जेल में बंद है, जिस पर उसने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. इसी आरोप में वह डासना जेल में है.

महिला को पति से लेना था बदला

इस मामले को लेकर डीसीपी राजेश कुमार ने बताया कि महिला का झूठी शिकायत दर्ज कराने का मकसद उसके पति से बदला लेना था. क्योंकि उसके पति के दोस्त दोस्त वैभव और दीपक महिला की ओर से पति पर किए गए केस को लड़ने और उसके खिलाफ सबूत जुटाने में उसका साथ दे रहे थे. पुलिस जांच में ये भी भी सामने आया कि पिछले साल जून में महिला ने अपने पति पर रेप करने का आरोप लगाया था. महिला ने पति पर उसके पेट में लात मारने का आरोप भी लगाया था, जिससे उसका अबॉर्शन हो गया था. हालांकि कुछ दिनों बाद उसने शिकायत वापस ले ली थी.

महिला ने लगाए थे झूठे आरोप

कुछ महीने बाद, उसने इसी तरह के आरोपों के साथ एक और शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते पुलिस ने विकास को गिरफ्तार कर लिया. वैभव और दीपक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए महिला ने उन पर अपनी कार में गैंगरेप करने और उसे महरोती रेलवे क्रॉसिंग के पास कूड़े के ढेर के पास फेंकने का आरोप लगाया था और ये भी कहा था कि वह काफी देर तक बेहोश रही. होश में आने के बाद, वह रात 10 बजे घर लौटी और बाद में पुलिस को मामले की जानकारी दी.

CCTV फुटेज-कॉल डिटेल रिकॉर्ड

हालांकि जब CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाला गया तो महिला के दावे झूठे साबित हुए. वह घटना के दिन रात 8.27 बजे अपनी इच्छा से कार में बैठी और रात 10.19 बजे उसी जगह पर वापस लौट आई. मेडिकल टेस्ट में भी मारपीट या चोट के कोई सबूत नहीं मिले, जो उसके आरोपों की पुष्टि कर सकें. डीसीपी ने कहा, “आरोपी ने दावा किया कि उसे महरौली क्रॉसिंग के पास फेंका गया था, लेकिन CCTV फुटेज में कोई महिला उस समय उस जगह से आती दिखाई नहीं दी. जांच से यह भी सामने आया कि महिला ने पैसे और फ़्लैट पाने के लिए झूठे आरोप लगाए गए थे.

महिला के खिलाफ केस दर्ज

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा, “हमने दोनों आरोपियों के फोन लोकेशन को भी ट्रैक किया. पता चला कि किडनैपिंग के समय वैभव चौहान का लोकेशन मोरटी था. दूसरी ओर, दीपक चौहान अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल हुआ था. उसके फोन की शाम 7.12 बजे मरियम नगर और रात 9.46 बजे मरियम नगर के सेवा नगर लोकेशन थी.” पुलिस ने आगे बताया कि महिला ने यह भी दावा किया था कि आरोपी ने उसके बाएं कंधे में इंजेक्शन लगाया, जबकि इंजेक्शन उसके दाहिने कंधे पर लगा था. ऐसे ही महिला ने और भी सबूत जो दिखाए थे. वह गलत साबित हुए. अब पुलिस ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरन वसूली और झूठे सबूत गढ़ने से जुड़ी बीएनएस धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है.

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