चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात! WhatsApp के आगे Arattai का जलवा खत्म, गूगल प्ले स्टोर पर रैंकिंग धड़ाम

R. S. Mehta
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कुछ समय पहले आए स्वदेशी मैसेजिंग ऐप अराटाई ने खूब सुर्खियों बटोरी और ये ऐप लोगों को भी शुरुआत में खूब पसंद आया, यही वजह थी कि इस ऐप ने WhatsApp को पछाड़कर प्ले स्टोर पर टॉप रैंकिंग हासिल कर ली थी. अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस ऐप की पॉपुलैरिटी कम होने लगी है, क्योंकि Google Play Store पर टॉप फ्री कम्युनिकेशन कैटेगरी में ये ऐप पहले नंबर पर रैंक करने वाला ये ऐप अब 7वें नंबर पर आ गया है.

न केवल गूगल प्ले स्टोर बल्कि शुरुआत में ऐपल ऐपर स्टोर पर भी ये ऐप नंबर 1 पर पहुंच गया था लेकिन अब ऐपल ऐप स्टोर पर ये ऐप छठे नंबर पर आ गया है. वहीं, अगर WhatsApp की बात करें तो गूगल प्ले स्टोर पर अब ये ऐप तीसरे पायदान पर है, वहीं ऐपल ऐप स्टोर पर ये ऐप दूसरे नंबर पर आ गया है, इससे एक बात तो साफ है कि व्हाट्सऐप ने अपनी बादशाहत को कायम रखा है. Arattai के डेली साइन-अप की संख्या में भी तेज उछाल आया और आंकड़ा 3000 से बढ़कर 3.50 लाख का भी आंकड़ा पार कर गया. यहां तक ​​कि डाउनलोड के मामले में इस ऐप ने चैटजीपीटी को भी पछाड़ दिया था.

ऐप की रैंकिंग में गिरावट की ये हो सकती है वजह

शुरुआत में तो इस ऐप के डाउनलोड्स और डेली साइन-अप की संख्या में जबरदस्त उछाल आया, लेकिन अब अचानक से ऐसा क्या हुआ जो ऐप की रैंकिंग गिर गई? हर किसी के ज़ेहन में यही सवाल घूम रहा है, फाइनेशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नए यूजर्स टेक्स्ट मैसेज के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की डिमांड कर रहे हैं, लेकिन ऐप में फिलहाल ये सुविधा नहीं है.

ऐप में वॉयस और वीडियो कॉलिंग के लिए तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है लेकिन फिलहाल टेक्स्ट मैसेजिंग के लिए फिलहाल इसे लागू नहीं किया गया है. कंपनी ने वादा किया है कि जल्द मैसेज के लिए भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को जोड़ दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद ऐप की रैंकिंग में गिरावट देखने को मिल रही है.

Arattai कब हुआ था लॉन्च?

चेन्नई स्थित ज़ोहो कॉर्पोरेशन ने जनवरी 2021 में Arattai को लॉन्च किया था, ये ऐप विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के विकल्प के रूप में उतारा गया था. इस ऐप में वॉयस नोट्स, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, फाइल शेयरिंग, वीडियो कॉल जैसे फीचर्स दिए गए हैं. भले ही ये ऐप 2021 में लॉन्च हुआ लेकिन अक्टूबर 2025 की शुरुआत में अमेरिका-भारत व्यापार तनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के आह्वान के बीच ये ऐप सुर्खियों में आया.

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