जेल से खेल की तैयारी, दिल्ली के दंगल में इन तीन सीटों पर दिखेगा तिहाड़ का दम?

R. S. Mehta
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दिल्ली के चुनावी रण में विकास, भ्रष्टाचार और अपराध जैसे बड़े मुद्दे की जहां चर्चा है, वहीं कुछ सीटों पर नेता और पार्टियां जेल से ही खेल की तैयारी में जुट गई है. दरअसल, राजधानी दिल्ली की 3 ऐसी विधानसभा सीट है, जहां जेल को ही बड़ा मुद्दा बनाने की कवायद है. इनमें दो सीट मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद और ओखला तो एक सीट यादव और जाट बहुल उत्तम नगर है.

राजधानी दिल्ली की सभी 70 सीटों पर आज से शुरू हो रहे नामांकन के बीच इन तीनों सीटों की कहानी विस्तार से पढ़िए…

पहले कहानी नरेश बाल्यान के उत्तम नगर की

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की उत्तम नगर सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी. 2008 में यहां से कांग्रेस और 2013 में बीजेपी को जीत मिली थी, लेकिन 2015 में आम आदमी पार्टी ने यहां कब्जा जमा लिया. 2020 में भी आप के विधायक नरेश बाल्यान को ही यहां से जीत मिली.

हालांकि, 2025 के चुनाव से पहले बाल्यान रंगदारी वसूलने की साजिश के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आ गए. वर्तमान में बाल्यान पर मकोका का केस दर्ज है और वे न्यायिक हिरासत के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की उत्तम नगर सीट से नरेश की जगह उनकी पत्नी पूजा को उम्मीदवार बनाया है. पूजा आप के सिंबल पर उत्तम नगर से मैदान में उतरी हैं. पूजा का पूरा चुनावी कैंपेन नरेश के इर्द-गिर्द ही है.

आप नेताओं का कहना है कि बीजेपी के खिलाफ मुखर होने की वजह से चुनाव से पहले नरेश को गिरफ्तार किया गया. खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक इंटरव्यू में नरेश के समर्थन में पैरवी कर चुके हैं.

नरेश जिस जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, उसने भी नरेश के समर्थन में हाल ही में बयान जारी किया है. उत्तम नगर में बाल्यान जाट ने नरेश के लिए लोगों से अपील की है. बात उत्तम नगर सीट की करें तो कांग्रेस ने यहां से पूर्व विधायक मुकेश शर्मा को टिकट दिया है. बीजेपी के उम्मीदवार अभी तक यहां घोषित नहीं हुए हैं.

दिल्ली दंगे के ताहिर मुस्तफाबाद से उम्मीदवार

2020 में सीएए को लेकर दिल्ली में दंगा हो गया. इस दंगे के दौरान आईबी के जवान अंकित शर्मा की भी मौत हो गई. इतना ही दिल्ली के इस दंगे में करीब 55 लोगों की मौत हुई. दंगे में साजिशकर्ता के रूप में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आरोपी बनाया गया.

उस वक्त ताहिर को लेकर कई खबरें मीडिया में आई, जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर से दूरी बना ली. इसी बीच ताहिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ताहिर तब से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.

दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दंगे के वक्त ताहिर के घर पर ईंट-पत्थर लाए गए थे, जिससे अटैक किया गया. ताहिर पर दंगे के एक मामले में आरोप भी तय हो चुके हैं. हाल ही में हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ताहिर को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है.

ओवैसी ने ताहिर को मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद से टिकट दिया है. मुस्तफाबाद सीट से अभी आप के हाजी यूनुस विधायक हैं. आप ने यहां से आदिल अहमद खान को इस बार टिकट दिया है. मुस्तफाबाद सीट पर मुसलमानों की आबादी करीब 40 प्रतिशत है.

टिकट मिलने के बाद से ही ताहिर की पत्नी इलाके में घूम रही हैं और पति के लिए सिंपैथी वोट बटोरने की कवायद कर रही हैं.

ओखला से रहमान को टिकट, यह भी जेल में

दिल्ली दंगे के एक और आरोपी शफीउर रहमान को भी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है. शफीउर भी जेल में बंद हैं. रहमान को टिकट देते हुए ओवैसी ने अरविंद केजरीवाल वाला तर्क दिया है. ओवैसी का कहना है कि जेल अरविंद केजरीवाल भी गए थे, तो वो भी चुनाव लड़ रहे हैं.

शफीउर रहमान जामिया एलुमनाई एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं और उन पर दिल्ली दंगे के दौरान साजिश का आरोप है. रहमान अभी जेल में बद हैं और जमानत का इंतजार कर रहे हैं.

दिल्ली की ओखला विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल है और यहां से वर्तमान में अमानतुल्लाह खान विधायक हैं. आम आदमी पार्टी ने इस बार खान को ही यहां से टिकट दिया है. दिल्ली की ओखला सीट कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था.

दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटों पर 5 फरवरी को मतदान प्रस्तावित है. 8 फरवरी को सभी सीटों पर वोटों की गिनती की जाएगी.

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